गुरु परंपरा का त्याग और बलिदान भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिससे हर पीढ़ी को प्रेरणा मिलती रहेगी, सिख धर्म के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर धर्मनगरी में सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश गूंजा
हरिद्वार । सिख धर्म के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर धर्मनगरी में सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश गूंजा। जैन मंदिर फ्लाईओवर के नीचे आयोजित छबील में राहगीरों को मीठा शर्बत और प्रसाद वितरित कर गुरु अर्जुन देव के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि गुरु परंपरा का त्याग और बलिदान भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिससे हर पीढ़ी को प्रेरणा मिलती रहेगी। गुरबख्श कौर और सतनाम सिंह के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मेयर किरण जैसल, राष्ट्रीय पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सेठी और पार्षद प्रतिनिधि विदित शर्मा ने अरदास के साथ किया।
इसके बाद श्रद्धालुओं और राहगीरों को मीठा शरबत एवं प्रसाद वितरित किया गया। राष्ट्रीय पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सेठी ने कहा कि सिख समाज का बलिदान देश कभी नहीं भुला सकता। जब-जब राष्ट्र पर संकट आया, सिख समाज ने सबसे आगे रहकर देश और धर्म की रक्षा की तथा अपने प्राणों के साथ पूरे परिवार का बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटा।
उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव और गुरु गोबिंद सिंह ने मानवता, भाईचारे और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। कार्यक्रम में सतपाल सिंह, हर्षवर्धन कौशिक, राकेश जमदग्नि, लालजी, राजेश पांडे, भूषण सिंह, अमृत सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


