क्वाड्रा इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद, रुडकी में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई आचार्य सुश्रुत जयंती

रुड़की। तीन दिवसीय शल्य कार्यशाला का भव्य समापन, पद्मश्री सम्मानित डॉ. के. के. ठकराल के परम शिष्य डॉ. राज तायल ने साझा किए प्रेरणादायी अनुभव। भारतीय शल्य चिकित्सा के जनक एवं आयुर्वेद के महान आचार्य भगवान सुश्रुत की जयंती के अवसर पर क्वाड्रा इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद, रुड़की में शल्य विभाग द्वारा भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसी अवसर पर संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय शल्य चिकित्सा कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन भी किया गया। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों एवं चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर आचार्य सुश्रुत के चिकित्सा विज्ञान में अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के सचिव डॉ. रकम सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा कि आचार्य सुश्रुत द्वारा प्रतिपादित शल्य चिकित्सा के सिद्धांत आज भी संपूर्ण विश्व के चिकित्सा जगत के लिए प्रेरणास्रोत हैं। आयुर्वेद केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की वैज्ञानिक जीवनशैली है। छात्रों को प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीकों का समन्वय कर समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पद्मश्री सम्मानित डॉ. के. के. ठकराल के परम शिष्य डॉ. राज तायल रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में डॉ. के. के. ठकराल के प्रेरणादायी जीवन, उनकी चिकित्सा सेवा, शोध कार्यों तथा शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को छात्रों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट चिकित्सक बनने के लिए निरंतर अध्ययन, अभ्यास, अनुशासन एवं रोगी के प्रति संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं।
इस अवसर पर छात्रों द्वारा आयुर्वेद आधारित रील्स प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने आधुनिक माध्यमों के जरिए आयुर्वेद के वैज्ञानिक स्वरूप एवं जनजागरूकता का प्रभावी प्रदर्शन किया। साथ ही आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्रों ने शोधपरक एवं ज्ञानवर्धक विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. राज तायल को संस्थान की ओर से स्मृति-चिह्न, शॉल एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। छात्रों के उत्साहवर्धन हेतु डाबर इंडिया फार्मेसी द्वारा विशेष सहयोग प्रदान किया गया। डाबर इंडिया द्वारा संस्थान परिसर में औषधीय उत्पादों का जानकारीपूर्ण स्टॉल भी लगाया गया तथा प्रतिभागी छात्रों को आकर्षक उपहार भेंट कर प्रोत्साहित किया गया।
संस्थान के प्राचार्य डॉ. जितेंद्र कुमार ने सभी अतिथियों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों के व्यक्तित्व विकास, व्यावहारिक ज्ञान तथा आयुर्वेद के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक सुदृढ बनाते हैं। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. जितेंद्र पांडे रहे। इस अवसर पर संस्थान के समस्त शैक्षणिक, गैर शैक्षणिक, चिकित्सक, स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्र व इण्टनीज छात्र उपस्थित रहे।

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