IAS Success Story: हादसे के बाद हुए 14 ऑपरेशन, एक साल रहीं बेड पर, पति ने तोड़ा नाता, ऐसी है आईएएस प्रीति बेनीवाल के संघर्ष से सफलता तक की कहानी
नई दिल्ली । संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे मुश्किल और प्रतिष्ठित सेवाओं में मानी जाती है। यह परीक्षा देशभर के युवाओं का सपना होता है जो भारतीय लोकतंत्र की निर्माण- कार्यों में सक्रिय योगदान देना चाहते हैं। तैयारी के लिए युवा अनेक वर्षों तक मेहनत करते हैं और प्रयासों के द्वारा सफलता की ऊँचाइयों को छूते हैं।
हम आपको एक ऐसे अधिकारी की कहानी बताने जा रहे हैं, जिनके जीवन में घटित हुए एक हादसे ने उन्हें आईएएस ऑफिसर बनने के लिए प्रेरित किया। प्रीति बेनीवाल हरियाणा की डुपेडी गांव की निवासी है। उन्होंने 10वीं की पढ़ाई पानीपत पूरी की और 12वीं की पढ़ाई इसराना कॉलेज से बीटेक और एमटेक की डिग्री हासिल की। जिसके बाद, उन्होंने ग्रामीण बैंक में क्लर्क के रूप में नौकरी करने लगीं उन्होंने अपनी नौकरी 2013 से 2016 तक सेवाएं दीं. इसके अलावा, प्रेरणा और सपनों को पूरा करने के लिए सिविल सेवा की तैयारी शुरू की।
प्रीति बेनीवाल नौकरी के साथ ही सरकारी परीक्षाओं की तैयारियां करती थी। इसी दौरान परीक्षा देने जाने के लिए गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर उनका पैर फिसल गया, जिससे वह पटरी पर गिर गईं और ट्रेन गुजरने की वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसके बाद, उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस हादसे से टूट चुकी प्रीति के पति और ससुराल वालों ने भी उनसे नाता तोड़ लिया। प्रीति ने हिम्मत नहीं हारी और यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा के लिए तैयारी करना शुरू कर दिया। उन्होंने अपना पहला प्रयास किया, जिसमें वह फेल हो गईं। वहीं, तीसरे प्रयास में परीक्षा पास करते हुए 754 रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी का पद हासिल किया।





























