कैबिनेट मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज हुए भाजपा के वरिष्ठ विधायक, खड़े किए सवाल, कहा पार्टी के लिए डंडे-झंडे उठाए

देहरादून । पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (रि.) ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। पुष्कर सिंह धामी के साथ कुल 8 मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें गणेश जोशी, सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, रेखा आर्या, प्रेम चंद्र अग्रवाल और चंदन राम दास शामिल हैं। इस मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की जनता ने दूसरी बार बीजेपी को एक तिहाई बहुमत से सत्ता सौंपी है। ऐसे में उनका ध्येय है कि 2025 तक उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने। धामी कैबिनेट में 3 नए चेहरों सौरभ बहुगुणा, चंदन राम दास और प्रेम चंद्र अग्रवाल को शामिल किया गया है तो तीन पुराने चेहरे बिशन सिंह चुफाल, बंशीधर भगत और अरविंद पांडे को मंत्रीपद नहीं दिया गया। मंत्री नहीं बनाए जाने से बीजेपी के वरिष्ठ नेता बिशन सिंह चुफाल खफा हैं। उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल न किये जाने को लेकर कई सवाल खड़े किये हैं। चुफाल ने कहा कि उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर करने की क्या वजह है उन्हें नहीं पता, लेकिन वह पार्टी से इस पर सवाल जरूर करेंगे। बिशन सिंह चुफाल ने कहा कि वह पार्टी से एक बार जरूर ही पूछेंगे कि आखिरकार उन्हें किस आधार पर मंत्रिमंडल से बाहर किया गया। नाराज चुफाल ने कहा कि उनके कुछ शुभचिंतक भी हैं जो उन्हें मंत्रिमंडल में नहीं चाहते थे। चुफाल ने कहा मंत्रिमंडल से बाहर करने को लेकर जो चर्चाएं चल रही हैं कि उन्हें उम्र के कारण बाहर किया गया, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। अगर ऐसा होता तो सतपाल महाराज भी उन्हीं के उम्र के हैं, ऐसे में उन्हें कैसे मंत्रिमंडल में जगह दे दी गई? हालांकि चुफाल ने कहा कि वह पार्टी के सच्चे कार्यकर्ता है। उन्होंने पार्टी के लिए डंडे-झंडे उठाए हैं। वे हर समय पार्टी के साथ खड़े रहे हैं। बहरहाल देखना ये होगा कि क्या मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने पर चुफाल की ये नाराजगी कितने दिनों तक रहती है और कितने दिन वो कोप भवन में रहते हैं। साथ ही देखने रोचक होगा कि चुफाल की नाराजगी पर पार्टी कैसे रिएक्ट करती है।

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