नए बोर्ड में नए पार्षदों के साथ ही पहुंचे नए ठेकेदार, पहले दिन ही ठेकेदारों की संख्या 150 से ऊपर गिनी गई

रुड़की । आज शपथ लेने के साथ ही मेयर गौरव गोयल और नवनिर्वाचित पार्षदों ने अपना कामकाज शुरू कर दिया है । सभी ने नगर निगम बोर्ड कार्यालय पहुंचकर अपने कर्तव्यों ,अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझा। लेकिन इसी बीच एक और नजारा भी देखने को मिला। जहां नया बोर्ड अपना कामकाज शुरू करने के लिए नगर निगम कार्यालय में सक्रिय बना हुआ था । वहीं दूसरी ओर आज नए ठेकेदारों का भी रुड़की नगर निगम कार्यालय में तांता लगा रहा। बहुत सारे नए ठेकेदार तो अपने कागजात पूरे करा कर ही नगर निगम कार्यालय पहुंचे और कुछ ठेकेदारों के कागज आधे अधूरे दिखे और वह उन्हें पूरा कराने के लिए कर्मचारियों से जानकारी लेते रहे। इस बीच कुछ नवनिर्वाचित पार्षदों के करीबी ठेकेदार भी नगर निगम कार्यालय में पहुंचे हैं। हालांकि रुड़की नगर निगम में पहले ही ठेकेदारों की संख्या काफी अधिक है ।यहां पर हर टेंडर और अन्य कार्य के लिए हमेशा मारामारी रहती है। कई बार पहले विवाद भी हो चुके हैं। लेकिन जब भी नया बोर्ड बनता है तो इसी के साथ नए ठेकेदारों की भी यहां पर सक्रियता बढ़ जाती है। हालांकि पुराने ठेकेदार नये ठेकेदारों को बहुत दिनों तक रास्ता नहीं देते । लेकिन इस बार बहुत सारे पार्षदों के करीबी ठेकेदार नगर निगम कार्यालय में देखे गए । इसीलिए माना जा रहा है कि जल्द ही नए ठेकेदारों को कोई ना कोई काम जरूर मिल जाएगा। एक ठेकेदारों का मुखिया भी आज बहुत अधिक सक्रिय नजर आया। वह तो अधिकारियों कर्मचारियों को भी यही कहता रहा कि जैसा वह चाहेंगे ऐसा ही होगा। चर्चा यह है कि नगर निगम प्रशासन ने इस ठेकेदारों के मुखिया को पहले ही एक करोड रुपए का टेंडर थमा दिया है। हालांकि इस टेंडर में अभी कुछ कार्यवाही होना बाकी है। इस बीच यदि नवनिर्वाचित पार्षदों से बातचीत की गई तो वह हर सवाल का जवाब मुस्कुरा कर टाल गए। कुछ पार्षद पतियों ने यह जरूर कहा कि जब चुनाव में इतना अधिक खर्च होता है तो फिर उनकी क्या गलती। ठेकेदार को तो साथ रखना ही होगा। तभी चुनावी खर्चा पूरा हो सकेगा। एक दो ने तो यहां तक कहा कि कई कई चुनाव हार चुके हैं और उसमें इतना पैसा खर्च हो चुका है कि आज तक उभर नहीं पाए। अब यदि मौका मिला है तो सारा बजट अब पूरा नहीं करेंगे तो फिर कब करेंगे। उनके इस काम में ठेकेदार ही मदद कर सकते हैं। पार्षद और महिला पार्षदों के कुछ पतियों की इस तरह की बेबाक बातें वायरल भी हो रही है। क्योंकि कुछ मीडिया कर्मियों द्वारा उनकी बातचीत की वीडियो बना ली गई और वायरल कर दी गई। बता दें कि इस बार 40 पार्षद है। जब 20 पार्षद पर ही 100 से अधिक ठेकेदार रुड़की नगर निगम पर काबिज रहते थे तो अब 40 पार्षदों के जानकर ठेकेदारों की संख्या कितनी अधिक होगी और वह किस तरह से रुड़की नगर निगम कार्यालय को कैप्चर करेंगे। इसका अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है। जानकारी तो यहां तक मिल रही है कि कुछ पार्षदों को तो ठेकेदारों ने ही चुनाव लड़ाया है । उनके चुनाव में सारा पैसा ही ठेकेदारों का खर्च हुआ है। अब वह ठेकेदार उनके साथ नगर निगम कार्यालय नहीं पहुंचेंगे तो कहां जाएंगे। वह चुनावी खर्च तो कार्यों में से ही पूरा करेंगे हालांकि अभी रेट नहीं खुले हैं। अब देखना यह है कि कमीशन का रेट पहले जैसा ही रहता है या फिर इस बार के कमीशन में कुछ प्रतिशत की वृद्धि होती है। वैसे नवनिर्वाचित मेयर गौरव गोयल यह पहले ही साफ कर चुके हैं कि नगर निगम में भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था दी जाएगी। कोई भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा। वैसे ही रुड़की नगर निगम कार्यालय पर अनुशासन की विशेष निगाह रहेगी। क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान बहुत सारे वक्ताओं ने शहरी विकास मंत्री तक पर आरोप लगाए। पूर्व बोर्ड को भ्रष्टाचार में संलिप्त होना बताया गया। स्पष्ट है कि ऐसे में शहरी विकास मंत्री के करीबी लोग भी रुड़की नगर निगम कार्यालय पर निगाह बनाए रखेंगे। आज जो ठेकेदार नगर निगम कार्यालय में नजर आए हैं वह है मात्र शहरी क्षेत्र के ही नहीं बल्कि आसपास के एक ग्रामीण अंचल के भी हैं। जिसमे रामपुर, पनियाला ,भंगेडी ,खंजरपुर के अधिक देखे गए।

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