करवा चौथ पर बन रहा शुभ योग, इस साल करवा चौथ पर चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में दर्शन देंगे, यह विशेष योग पूरे पांच साल बन रहा

  • इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए पूरे दिन निर्जल उपवास करती हैं

रुड़की । पंचांग के अनुसार हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए पूरे दिन निर्जल उपवास करती हैं। करवा चौथ के दिन माता पावर्ती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि पूजा पाठ के दौरान पंचांग और मुहूर्त का ध्यान रखना बेहद ही जरूरी है। क्योंकि मुहूर्त के अनुसार पूजा करने से दोगुना फल मिलता है। साथ ही शुभ और अशुभ समय का ज्ञान भी पंचांग के अनुसार ही हो पाता है। पंचांग अनुसार जानिये करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त, राहू काल और चंद्रोदय का समय-

चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 24 अक्टूबर 2021 को 3:01 PM से शुरू
चतुर्थी तिथि समाप्त: 25 अक्टूबर 2021 को 5:43AM पर समाप्त
करवा चौथ पूजा मुहूर्त: 5:43 PM से 6:59 PM
अवधि- 1 घंटा 17 मिनट
करवा चौथ व्रत समय: सुबह 6:27 AM से 8:07 PM
अवधि: 13 घंटे 40 मिनट
चंद्रोदय का समय: 8:07 PM
नक्षत्र: रोहिणी

कब रहेगा राहु काल: राहुकाल के समय कोई भी शुभ और नया कार्य करने से बचना चाहिए। करवा चौथ के दिन सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक राहुकाल रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 58 मिनट पर शुरू होगा, जो 12 बजकर 51 मिनट पर खत्म होगा।

करवा चौथ के दिन विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 47 मिनट पर शुरू होगा और 3 बजकर 36 मिनट पर समाप्त होगा। गोधुली मुहूर्त 6 बजकर 55 मिनट से 7 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। शुभ गुलिक काल 2 बजकर 54 मिनट से शुरू होकर 4 बजकर 18 मिनट पर समप्त होगा। दिशाशूल के अनुसार रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि करना आवश्यक हो तो घर से पान या फिर घी खाकर निकलें।

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