टेपिंग प्वाइंट के आगे बनाई गई दीवार को तोड़क गंगा में गिर रहे सीवर को रोका, संबंधित अधिकारियों को फोन कर मौके पर आकर गंगा जल का आचमन करने को कहा

हरिद्वार । बीइंग भगीरथ की टीम ने कनखल दरिद्र भंजन घाट पर साप्ताहिक सफाई अभियान के तहत गंगा में गिर रहे गंदे पानी को टेपिंग प्वाइंट के आगे बनायी गयी दीवार को तोड़कर गंगा में बह रहे सीवर के पानी को रोका। गंगा में सीवर गिरने पर रोष व्यक्त करते हुए स्वयंसेवियों ने संबंधित अधिकारियों को फोन कर मौके पर आकर गंगा जल का आचमन करने को कहा। अमृत योजना के तहत कनखल में बरसाती पानी के निस्तारण का कार्य किया जा रहा है। कार्य के तहत झण्डा चैक से दरिद्र भंजन मंदिर तक नाला बनाया गया है। लेकिन सीवर पाईप लाईन का गंदा पानी एसटीपी में जाने के बजाए सीधे गंगा में समाहित हो रहा था। बीइंग भगीरथ के संयोजक शिखर पालीवाल ने गंगा में गिर रहे सीवर के पानी की शिकायत विभागीय अधिकारियों से भी की। लेकिन सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर टीम के सदस्यों ने स्वयं ही गंदे नाले का रूख मोड़कर सीवर के गंदे पानी को गंगा में जाने से रोका। इस अवसर पर शिखर पालीवाल ने कहा कि विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के कारण सीवर का गंदा पानी सीधे एसटीपी में ना जाकर गंगा में समाहित हो रहा था। हजारों गैलन गंदा पानी बेरोकटोक गंगा में बहाया जा रहा है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यो की आवश्यक जांच करनी चाहिए। साथ निर्माण कर रहे ठेकेदारों को भी सख्त दिशा निर्देश देने चाहिए। शिखर पालीवाल ने बताया कि विभाग द्वारा बरसाती पानी के निस्तारण के लिए नाला बनाया जा रहा है। विभागीय आपसी तालमेल ना होने के कारण निर्माण कार्य ठीक रूप से नहीं किया गया। एसटीपी का पाईप तोड़कर सीधे गंगा में ही गंदा पानी बहा दिया गया। उन्होंने कहा कि खेद का विषय है कि महाकुंभ मेले का आयोजन धर्मनगरी में होना है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्त कनखल व आसपास के गंगा तटों पर मां गंगा की पूजा अर्चना व आचमन करते हैं। लेकिन सीवर का गंदा पानी गंगा में बहाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। टीम के सदस्यों द्वारा विभागीय अधिकारियों को गंगा में गिर रहे गंदे पानी की सूचना भी दी गयी। लेकिन अधिकारियों की हीलाहवाली की गयी। अधिकारियों ने शिकायत को छोटी मोटी बात कह कर टाल दिया गया। शिखर पालीवाल ने बताया कि अधिकारियों द्वारा कोई स्पष्ट तकनीकी कारण ना बताने पर आंदोलन की चेतावनी देते हुए गंगा में समाहित हो रहे सीवर के गंदे पानी का सैंपल पीएमओ भेजने की बात की गयी। मौके पर पहुंचे जल संस्थान के जेई भीमसिंह ने बताया कि अमृत योजना के ठेकेदार की लापरवाही से यह समस्या उत्पन्न हुई है। जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गयी है। संदीप खन्ना ने कहा कि गंगा स्वच्छता व निर्मलता को लेकर बीइंग भगीरथ की टीम साप्ताहिक सफाई अभियान निरंतर चला रही है। लेकिन जल संस्थान व अमृत योजना से संचालित योजनाओं को सही रूप से लागू ना करना अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली को दर्शाता है। गंदा पानी सीधे गंगा में गिराया जा रहा है। लेकिन अधिकारी इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। शिकायत के बावजूद भी किसी अधिकारी ने मौके पर आने की जहमत नहीं उठायी। मधु भाटिया व रूचिता उपाध्याय ने गंगा में सीवर का पानी गिरने पर रोष व्यक्त करते हुए दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर तन्मय शर्मा, अनिकेत गर्ग, विपिन सैनी, हन्नी सैनी, जनक सहगल, हितेश चैहान, शिवम चैहान, सचिन गांधी, भाविका त्यागी, विपुल गोयल, इंद्रपाल, ओमशरण, पंकज त्यागी, दिव्यांशु, नमन सैनी, माणिक बाली, धीरज भूटानी, आकाश, शिवम अरोड़ा, शिवम घोष आदि स्वयं सेवी शामिल रहे।

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