उत्तम शुगर मिल पहले किसानों का ₹45 करोड़ दे, इसके बाद शुरू करें गन्ना पेराई, गन्ना विकास समिति की अध्यक्ष ने गन्ना एवं चीनी आयुक्त को लिखा पत्र

मंगलौर । लिब्बरेहड़ी सहकारी गन्ना विकास समिति की अध्यक्ष ने चीनी मिल प्रबंधन को साफ शब्दों में कहा है कि पहले किसानों का पिछले साल का ₹450000000 का बकाया भुगतान करें इसके बाद पेराई सत्र शुरू किया जाए। समिति अध्यक्ष ने इस संबंध में गन्ना एवं चीनी आयुक्त उत्तराखंड को पत्र लिखा है। उत्तम शुगर मिल ने नया पेराई सत्र शुरू करने के लिए किसानों को इंडेंट भेजा है। इससे किसानों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि चीनी मिल ने पिछले साल का ₹450000000 का बकाया भुगतान अभी तक नहीं दिया है और नया सत्र शुरू करने जा रहा है। क्षेत्र के काफी किसान बकाया भुगतान को लेकर गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष रेनू रानी और उनके प्रतिनिधि एवं गन्ना विकास समिति के डायरेक्टर सुशील राठी से मिले । गन्ना किसान नरेंद्र चौधरी ,विनय चौधरी,सुभाष चौधरी ने गन्ना विकास समिति की अध्यक्ष रेनू रानी और डायरेक्टर एवं अध्यक्ष के प्रतिनिधि सुशील राठी से मांग की है कि चीनी सहकारी गन्ना विकास समिति को बकाया भुगतान के संबंध में प्रभावी ढंग से हस्तक्षेप करना चाहिए। अन्यथा चीनी मिल प्रबंधन बकाया भुगतान को लेकर किसानों को इसी तरह से भटकाता रहेगा।

गन्ना किसानों ने कहा है कि फिलहाल रबी की फसल की बुआई के लिए किसान को पैसे की जरूरत है। लेकिन चीनी मिल बकाया भुगतान देने के प्रति लापरवाह बना हुआ है । इससे किसान के सामने आर्थिक संकट खड़ा हुआ है और रबी की बुवाई प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। गन्ना किसानों की चिंता को गंभीरता से लेते हुए सहकारी गन्ना विकास समिति की अध्यक्ष रेनू रानी और डायरेक्टर वे उनके प्रतिनिधि सुशील राठी ने इस संबंध में गन्ना एवं चीनी आयुक्त को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि चीनी मिल से पहले किसानों का ₹450000000 बकाया भुगतान दिलाया जाए इसके बाद चीनी मिल का नया पेराई सत्र शुरू कराया जाए। गन्ना विकास समिति की अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि बकाया भुगतान किए बिना नया पेराई सत्र शुरू किया जाता है तो गन्ना विकास समिति को मजबूरन चीनी मिल प्रबंधन की आरसी जारी करनी पड़ेगी। गन्ना विकास समिति अध्यक्ष के प्रतिनिधि एवं डायरेक्टर सुशील राठी ने कहा है कि चीनी मिल प्रबंधन बकाया भुगतान को लेकर किसानों को झांसा नहीं दे सकता। यदि चीनी मिल प्रबंधन ने झांसा देने की कोशिश की तो समिति को सख्त से सख्त कदम उठाने को बाध्य होना पड़ेगा।

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