भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल को हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस, जाति प्रमाण पत्र की वैधता मामले में तीन सप्ताह में मांगा जवाब

नैनीताल / रुड़की । हाईकोर्ट ने झबरेड़ा हरिद्वार के विधायक देशराज कर्णवाल के जाति प्रमाण पत्रों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए विधायक को नोटिस जारी कर सरकार से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। याचिका पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हुई। सामाजिक कार्यकर्ता रुड़की निवासी ईश्वर पाल ने देशराज कर्णवाल के जाति प्रणाम पत्रों को स्क्रूटनी कास्ट कमेटी द्वारा सही ठहराए जाने वाले आदेश को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि देशराज कर्णवाल का मूल निवास सहारनपुर, उत्‍तर प्रदेश है। उत्तराखंड सरकार द्वारा 2005 में जो मूल निवास प्रमाण पत्र उनको निर्गत किया गया गलत है, उसे निरस्त किया जाए। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि स्क्रूटनी कास्ट कमेटी द्वारा उनके प्रमाण पत्रों की जांच करते वक्त किसी भी सम्बन्धित अधिकारी को नहीं बुलाया क्योंकि देशराज अभी वर्तमान में झबरेड़ा से बीजेपी के विधायक हैं और कमेटी ने उनके प्रमाण पत्रों को सही माना है। पूर्व में भी देशराज के जाति व मूल निवास प्रमाण पत्रों के सम्बन्ध में कई याचिकाएं कोर्ट में दायर की गईं जिसमें कोर्ट ने सरकार को आदेश दिए थे कि इनके प्रमाण पत्रों की जांच करने के लिए एक स्क्रूटनी कास्ट कमेटी गठित की जाए। कास्ट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कोर्ट को बताया गया था कि विधायक कर्णवाल के सभी प्रमाण पत्र वैध है। बता दें कि प्रमाण पत्र का मामला लंबे समय से चल रहा है। विधायक देशराज कर्णवाल जब खंजरपुर सीट से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए थे। तब भी शिकायत की गई थी। इसके बाद बीच में मामला शांत हो गया था। जब देशराज कर्णवाल विधायक बने तो इसके बाद से यह मामला रुक-रुक कर उठ रहा है। उनके विरोधी प्रमाण पत्र पर सवाल उठाकर उन्हें घेरने में लगे हैं।

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