मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की टीम आमने-सामने, भाजपा जिलाध्यक्ष के लिए हुई रायशुमारी में सक्रिय रहे नेता और कार्यकर्ता

हरिद्वार । भाजपा जिला अध्यक्ष को लेकर आज हुई रायशुमारी से पूरे जिले में हलचल रही। इस बाबत मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की टीम आमने सामने दिखी। दोनों दिग्गज नेताओं के समर्थकों ने अपने-अपने पक्ष में खूब जोर लगाए। बुधवार की शाम से शुरू हुई परिहास गुरुवार की दोपहर बाद तक जारी रहे। इसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत खेमे से दो ठाकुर सुशील चौहान तो केंद्रीय मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक खेमे की ओर से डॉक्टर जयपाल सिंह चौहान के लिए समर्थन जुटाया गया।। हालांकि जिलाध्यक्ष पद पर एक दर्जन से अधिक लोगों की दावेदारी है। लेकिन आज रायशुमारी के दौरान मुख्य मुकाबला ठाकुर सुशील चौहान और डॉक्टर जयपाल सिंह चौहान के बीच ही देखा गया। जिसमें केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक का खेमे में काफी बिखराव रहा । जबकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का खेमा पूरी तरह एकजुट रहा। डॉ निशंक खेमे में बिखराव तब शुरू हुआ । जब जय भगवान सैनी ने और आदित्य राज सैनी ने जिलाध्यक्ष पद के लिए दावेदारी ठोक दी । आदित्य राज सैनी को तो कोई खास समर्थन नहीं मिला। लेकिन जय भगवान सैनी ने डॉ निशंक खेमे के कई वोट अपने पक्ष में कर लिए। इसका सीधा नुकसान डॉक्टर जयपाल सिंह चौहान को हुआ। भाजपा मंडल अध्यक्षों, पार्टी समर्थित चेयरमैन और जिला प्रतिनिधियों के अलावा भाजपा के विधायकों की राय जानने पर यह बात स्पष्ट हो गई है कि रायशुमारी में ठाकुर सुशील चौहान ,डॉक्टर जयपाल सिंह चौहान के बीच कड़ा मुकाबला रहा है । जबकि जय भगवान सिंह सैनी मुकाबले को दिलचस्पी बनाए रहे। हालांकि पार्टी हाईकमान को जिलाध्यक्ष का नाम तय करना है। लेकिन आज जो रायशुमारी हुई है। उसका भी विशेष महत्व है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि 2 दिन के बाद जिला ध्यक्ष के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। आज जो रायशुमारी हुई है । उसके संबंध में चुनाव अधिकारी रिपोर्ट प्रदेश हाईकमान को देंगे। जिसके चलते भाजपा जिला ध्यक्ष के दावेदार रायशुमारी की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद देहरादून के लिए रवाना हो गए। कुछ दावेदार केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के पास पहुंचे हैं तो कुछ भाजपा राष्ट्रीय सह महामंत्री शिव प्रकाश की शरण में गए हैं । अब देखना यह है कि भाजपा जिलाध्यक्ष के लिए किसके नाम पर मोहर लगती है। पर आज का माहौल देखने लायक रहा । जैसे कि आज कोई एमएलसी का चुनाव हो रहा हो । उससे भी कहीं अधिक रोचक स्थिति देखने को मिली। एक-एक वोट के लिए जोड़-तोड़ हुई। कुछ मंडल अध्यक्षों को तो समर्थन के बदले भविष्य में कुछ पद देने की भी आॅफर दी गई। जिला प्रतिनिधियों को भी आज विशेष सम्मान मिला। विधायको की भी आज ऐसी तवज्जो दी गई जैसे कि उनकी राज्यसभा सदस्य के लिए वोट डलनी है। विधायक भी मजे हुए राजनीति खिलाड़ी निकले। किसी ने भी अंतिम तक अपने पत्ते नहीं खोले ।हालांकि अधिकतर के बारे में स्थिति शाम के समय स्पष्ट भी हो गई। कुछ ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक समर्थित दावेदार डॉ जयपाल सिंह चौहान का साथ दिया तो कुछ विधायको ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समर्थक दावेदार ठाकुर सुशील चौहान का समर्थन किया। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक खुलकर ठाकुर सुशील चौहान के पक्ष में रहे। हालांकि उनके कुछ समर्थकों ने शुरूआती दौर में विकास तिवारी के पक्ष में राय दी। लेकिन बाद में शहरी विकास मंत्री के सभी समर्थक ठाकुर सुशील चौहान के साथ एकजुट हो गए। चुंकि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आज एक कार्यक्रम में हरिद्वार पहुंचे थे। जिससे कि रायशुमारी की प्रक्रिया में और भी अधिक गर्माहट बनी रही। अध्यक्ष पद के लिए 16 ने नामांकन किया पर इनमें से कुछ को छोड़कर अधिकतर को समर्थन के नाम पर जीरो ही हासिल हुई। अब देखना यह है कि ही जीरो किस किस दावेदार को मिली है। किसको कितने वोट मिले हैं इसको लेकर भाजपा के तमाम नेता और कार्यकर्ता शाम को समय गुणा भाग में जुटे रहे । बार-बार जोड़ घटाव करते रहे ।लेकिन जीत हार के गणित में ठाकुर सुशील चौहान और डॉक्टर जयपाल सिंह चौहान दिखाई पड़े । जय भगवान सैनी को भी समर्थन प्राप्त हुआ । लेकिन वोटों का आंकड़ा मतदान का रुझान उन्हें जीत की ओर ले जाता नजर नहीं आया। हालांकि भाजपा से जुड़े तमाम नेता और कार्यकतार्ओं का यह भी मानना है कि रायशुमारी तो मात्र एक दिखावा है। अन्यथा जिला अध्यक्ष पद के लिए नाम तो पार्टी के दिग्गज नेता तय करेंगे। जिसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल की विशेष भूमिका रहेगी। पार्टी के स्थानीय नेताओं का यह भी कहना है कि यदि डॉ रमेश पोखरियाल निशंक पिछली बार की तरह अड़ गए तो डॉक्टर जयपाल सिंह चौहान को रिपीट होने से कोई नहीं रोक सकेगा। पर यदि रुड़की नगर निगम के चुनावकी तरह अचानक शांत हो गए तो बाजी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खेमे को मिलना तय है। क्योंकि रुड़की मेयर के टिकट में भी डॉ रमेश पोखरियाल निशांक अपने समर्थित दावेदार के समर्थन में खुलकर सामने नहीं आए थे। जिसका नतीजा यह निकला था कि मुख्यमंत्री खेमे के मयंक गुप्ता भाजपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े। इसी स्थिति को देखते हुए डॉ निशंक खेमे के काफी कार्यकर्ता आज शाम के समय निराश भी नजर आए। वहीं राजनीतिक जानकारों की मानें तो जिला अध्यक्ष पद को लेकर हुई रायशुमारी में मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री खेमे का आज राजनीतिक वजन तुला है।

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