बसपा नेता चौधरी विजेंद्र सिंह पार्टी छोड कांग्रेस में हुए शामिल, पूर्व सीएम और प्रदेश अध्यक्ष ने दिलाई कांग्रेस की सदस्यता

लक्सर। बसपा के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र सिंह ने अपने भाई रविंद्र सिंह के साथ पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही वह देहरादून पहुंचकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी कांग्रेस में शामिल हो गए। चौधरी बिजेंद्र सिंह लक्सर से दो बार जिपं सदस्य रहे हैं। उनकी क्षेत्र में काफी मजबूत पकड़ है।
चौधरी विजेंद्र सिंह और उनके भाई रविंद्र सिंह करीब तीन दशक से परिवार सहित लक्सर क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक पर सक्रिय हैं। शुरू से वे बसपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे। 2011 मे रविंद्र ने अपनी भाभी सविता पंवार का खड़ंजा कुतुबपुर सीट से जिपं सदस्य बनवाकर अपनी ताकत दिखाई थी। 2016 में उन्होंने इसी सीट से अपने भाई बिजेंद्र सिंह को चुनाव लड़ाया और जिपं अध्यक्ष रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता चौधरी राजेंद्र सिंह को हराकर दूसरी बात जीत हासिल की। दो साल पहले उन्होंने अपने चहेते को न सिर्फ गन्ना समिति का सदस्य नामित कराया, बल्कि उसे जीत भी दिलाई। इसके बाद गन्ना परिषद में भी अपने खास का अध्यक्ष बनवाकर उन्होंने अपनी ताकत का एहसास कराया। परंतु पिछले करीब एक डेढ़ साल से बसपा के स्थानीय नेताओं से उनकी नाराजगी चल रह थी। रविवार को चौधरी रविंद्र सिंह व बिजेंद्र सिंह अपने समर्थकों के साथ देहरादून पहुंचे और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत तथा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल,कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र रावत की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ले ली। सोमवार का उन्होंने प्रेसवार्ता कर बताया कि बसपा की गलत नीतियों के कारण वे कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कहा कि पार्टी लक्सर व खानपुर में जिसे भीर टिकट देगी, वे उसके लिए काम करेंगे और उसे जीताकर विधानसभा में भेजेंगे।उन्होंने कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी उससे निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है।

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