सीएम बदलने की अटकलों में अधिकतर कांग्रेसी शामिल, कुछ असंतुष्ट भाजपाई भी दे रहे हैं ऐसी चचार्ओं को हवा

रुड़की । मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बदले जाने की चल रही अटकलों में अधिकतर कांग्रेसी शामिल है। जांच पड़ताल करने पर यह भी बात सामने आई है कि कुछ असंतुष्ट भाजपाई भी सीएम बदले जाने की चचार्ओं को हवा दे रहे हैं। यह वह भाजपाई है जो कि सत्ता और संगठन में पद न मिलने से नाराज हैं। सीएम बदले जाने संबंधी चचार्ओं को आगे बढ़ाने के पीछे उनकी मंशा हाईकमान पर दबाव बनाने की है। लेकिन आज जब तमाम भाजपा नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के समर्थन में खुलकर सामने आए तो सीएम बदलने की अटकलों को तेजी से बढ़ा रहे हैं कांग्रेसी और असंतुष्ट भाजपा ही बैकफुट पर नजर आए। बहुत सारे कांग्रेसियों और असंतुष्ट भाजपाइयों ने तो सीएम बदलने की सुरक्षा संबंधी मैसेज ही डिलीट कर दिए। छानबीन में एक बार बात सामने आई है कि छात्रवृत्ति घोटाले और घोटाले में संलिप्त हो सफेदपोश ओं के कर्मचारी भी सीएम बदलने की चर्चा संबंधी मैसेज ओं को अपनी फेसबुक ट्विटर इंस्टाग्राम वह व्हाट्सएप ग्रुप पर तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। हरिद्वार जिले में ऐसे कर्मचारियों की संख्या 200 से अधिक हैं। जो कि छात्रवृत्ति घोटाले और घोटाले में संलिप्त हो सफेदपोशो के कर्मचारी हैं। इस बीच खुफिया विभाग को एक और महत्वपूर्ण जानकारी हासिल हुई है कि जिन ठेकेदारों को पिछले 3 सालों में लोक निर्माण विभाग ,सिंचाई विभाग नगर निगम व अन्य निर्माण एजेंसी में सड़क, नाले, पुल के कम काम मिले और क्वालिटी चेक के लिए दबाव बढ़ा तो वह भी सोशल मीडिया पर शुरू हुए मुख्यमंत्री बदले जाने के अभियान में शामिल हैं। इन ठेकेदारों के द्वारा भी अपने कर्मचारियों को दिन-रात इसी काम में लगाया गया है। ऐसे ठेकेदारों का मानना है कि यदि मुख्यमंत्री बदल गए तो वह ऐसे में उनका फिर से पुराना धंधा शुरू हो जाएगा। यानी कि साइट पर काम भी किए बिना भुगतान होने शुरू हो जाएंगे। आज भाजपा के तमाम नेताओं और कार्यकतार्ओं ने मुख्यमंत्री बदले जाने की चचार्ओं संबंधी मैसेज का जबरदस्त ढंग से जवाब दिया। जिसमें यहां तक कह दिया गया है कि चाहे कोई पूर्व मुख्यमंत्री हो या फिर कोई भी घोटालेबाज किसी के द्वारा अभियान छेड़े जाने का भाजपा हाईकमान पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्रियों व मौजूदा मुख्यमंत्री की तुलनात्मक मैसेज भी बहुत तेजी से हुए हैं। जिसमें गन्ने के भुगतान पर भी पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा मुख्यमंत्री के रूख पर चर्चा हुई है। जिसमें भाजपा नेता और अधिकतर किसानों ने कहा कि हां इतना जरूर है कि जिससे वह चाहते हैं उस उम्मीद के साथ गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा है । लेकिन कांग्रेस शासन के मुकाबले पर भुगतान की स्थिति काफी संतोषजनक है। महावीर सिंह साहनी नरेंद्र तोमर संदीप चौधरी कुशल पाल आदि का कहना है कि जब हरीश रावत मुख्यमंत्री थे तो उनके कार्यकाल में इकबालपुर चीनी मिल का बहुत बड़ा बकाया भुगतान नहीं हुआ था। उनके कार्यकाल का भुगतान अब तक भी लटका हुआ है । ऐसे में उन्हें किसान हितेषी नहीं माना जा सकता। इसी बीच सुलेमान ,प्रवेज, मोहम्मद सादिक .अंकुश चौधरी का कहना है कि ठीक है हरीश रावत के कार्यकाल में भुगतान समय से नहीं हुआ उनके कार्यकाल के दौरान का भुगतान अभी तक अटका हुआ है। लेकिन भाजपा को जिस उम्मीद के साथ सत्ता सौंपी थी तो वह है पूरी करनी चाहिए। भुगतान में और अधिक तेजी लानी चाहिए। सोशल मीडिया पर जो मुख्यमंत्रियों को लेकर तुलनात्मक रिपोर्ट पेश कर की जा रही है उसमें मौजूदा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत कि अधिकतर लोगों ने इस बात के लिए तारीफ की है कि वह भ्रष्टाचार के बेहद खिलाफ है और भ्रष्टाचारियों को कहीं पर भी मौका नहीं दे रहे हैं। इसीलिए बहुत सारे भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों में बौखलाहट है। बहरहाल ,यह बात स्पष्ट होती जा रही है कि मुख्यमंत्री के बदले जाने की चर्चा दिल्ली से नहीं बल्कि असंतुष्ट भाजपाई और कांग्रेसियों के यहां से शुरू हुई है। क्योंकि आज मंद पड़ती नजर आ रही है।

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