रुड़की नगर निगम में फिर ठीक सड़क का टेंडर, जनता में बढ़ रही है नाराजगी, अधिकारियों की कार्यशैली से सब खफा

रुड़की । नगर निगम को न जाने क्या हो गया है। अच्छी सड़कों के टेंडर किए जा रहे हैं । जबकि क्षतिग्रस्त व कच्ची गलियों में सड़क बनाने के लिए नगर निगम पर बजट का अभाव है। इससे नगरवासियों में नगर निगम के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। नागरिक नगर निगम के अधिकारियों की कार्यशैली से बेहद खफा हैं। पार्षद देवकी जोशी ने मुख्य नगर अधिकारी नूपुर वर्मा को शिकायत की है कि सोलानीपुरम में सही सड़क के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर कर दिया गया है। जो की पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने यह भी कहा कि पास की ही एक गली कच्ची है और उसमें सड़क बनाए जाने की आवश्यकता है । लेकिन नगर निगम ने उस गली में सड़क बनाने का टेंडर नहीं किया है। हालांकि मुख्य नगर अधिकारी ने पार्षद से कहा है कि वह इसकी जांच करा रही हैं। यदि सड़क सही है तो टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले इसी तरह से कृष्णा नगर और शिवपुरम में अच्छी सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर कर दिए गए थे। खुलासा होने पर इन दोनों सड़कों के टेंडर निरस्त करने की बात भी नगर निगम के अधिकारियों द्वारा कही गई थी। यह बात अलग है कि अभी तक इन दोनों सड़कों के टेंडर निरस्त करने की सूचना लिखित में सार्वजनिक नहीं की गई है। अब ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि नगर निगम के अधिकारी बार-बार अच्छी सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर क्यों कर रहे हैं? इसमें उन्हें क्या फायदा है या फिर वह ऐसा करके किसे साध रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि कहीं नगर निगम के अधिकारी किसी राजनीतिज्ञ के दबाव में तो ऐसा नहीं कर रहे हैं। वरना गलती एक दो बार हो सकती है। बार-बार नहीं। कल मुख्य नगर अधिकारी की गाड़ी को रोक लिया गया। सिद्धार्थ एनक्लेव कॉलोनी की महिलाओं व पुरुषों ने मुख्य नगर अधिकारी को जलभराव की समस्या पर जमकर सुनाई। क्योंकि पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं हो पा रहा है। नागरिक कह रहे हैं कि जब ठीक सड़कों को दोबारा से बनाने के लिए नगर निगम के पास बजट है तो फिर नाली निर्माण के लिए बजट क्यों नहीं है। जो कि जरूरी है। नागरिकों का यह भी कहना है कि पूर्व नगर निगम क्षेत्र का सर्वे कर लिया जाए 137 छोटी बड़ी सड़क बनाए जाने की आवश्यकता है। डेढ़ सौ से अधिक नाली और 20 से अधिक नाले बनाए जाने की जरूरत है। लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान न देकर ठीक सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर कर रहे हैं। यहां पर भी एक खामी और सामने आ रही है। कुछ गली में दो साल बाद ही फिर निर्माण के लिए टेंडर हो रहे हैं। जबकि बहुत सारी गली ऐसी है। जिनमें एक बार भी सड़क नहीं बनी है। जिस तरह से नगर निगम के अधिकारी मनमानी करते जा रहे हैं ऐसे नहीं निश्चित रूप से जनता का गुस्सा कभी भी फूट सकता है। क्योंकि नगर निगम के अधिकारी सब कुछ अपने ढंग से कर रहे हैं। पार्षद व संभ्रांत नागरिकों को ही नहीं बल्कि मेयर तक को विश्वास भी नहीं ले रहे हैं। यही नागरिकों में आक्रोश पनपने की सबसे बड़ी वजह है। यदि व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं आया तो निश्चित रूप से नगर निगम प्रशासन को आंदोलन का सामना करना पड़ सकता है। चौधरी चरण सिंह कॉलोनी, साउथ सिविल लाइंस सुनहरा, कृष्णा नगर सिद्धार्थ एनक्लेव आदि क्षेत्र के नागरिक बढ़ती समस्याओं पर आंदोलन की चेतावनी दे दी चुके हैं। ठीक सड़कों के पुनर्निर्माण के टेंडर की शिकायत शहरी विकास मंत्री, शहरी विकास सचिव प्रदेश के मुख्य सचिव को भेजी जा चुकी है। जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में प्रभारी मंत्री से भी मिलेगा।

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