उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ का एक वर्ष तक प्रत्येक माह एक दिन के वेतन कटौती का कड़ा विरोध, प्रांतीय कार्यकारिणी की ऑनलाइन बैठक में अन्य मुद्दों पर भी हुई चर्चा

हरिद्वार । उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक ऑनलाइन संपन्न हुई । प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 अनिल शर्मा की अध्यक्षता एवं प्रदेश महामंत्री जगमोहन सिंह रावत के संचालन में संपन्न बैठक में अनेक प्रस्ताव पारित किए गए। सरकार द्वारा लिए गए निर्णय एक वर्ष तक प्रत्येक माह एक दिन के वेतन की कटौती का कड़ा विरोध किया गया । प्रदेश कार्यसमिति में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से अनुरोध किया गया की इस कटौती के आदेश को तत्काल वापस लिया जाए। प्रदेश अध्यक्ष डॉ0 अनिल शर्मा ने कहा कि वेतन शिक्षक या कर्मचारी का ना होकर , उसके परिवार का होता है। शिक्षक पहले ही एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दे चुके हैं सरकार ने डी0 ए0 भी फ्रीज करने का निर्णय लिया है, उसका भी हमने विरोध नहीं किया । लेकिन अब वेतन की कटौती कतई स्वीकार नहीं होगी । सरकार या तो डी0 ए0 फ्रिज करें या वेतन की कटौती करें । सरकार डी0ए0 फ्रीज न करे तो एक दिन के वेतन की कटौती कराई जा सकती है। डॉ0 अनिल शर्मा ने कहा की सरकार को इस प्रकार का निर्णय करने से पहले शिक्षक संगठनों से बात करनी चाहिए थी । उन्होंने कहा कि स्वतः सत्र विस्तरण की शिक्षा मंत्री द्वारा कई बार घोषणा किये जाने के बाद भी शासनादेश निर्गत नहीं हो पाया है । चयन- प्रोन्नत वेतनमान ,वरिष्ठता और पेंशन निर्धारण में तदर्थ सेवा काल की गणना करने की मांग भी की गई। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा की तदर्थ सेवा की तुलना शिक्षा बंधु, शिक्षामित्र या अल्पकालिक शिक्षक से नहीं की जा सकती। तदर्थ नियुक्ति पूरे मानकों पर नियुक्ति है तथा पूरा वेतन प्राप्त करते हुए निरंतर सेवा है । उत्तराखण्ड में दो वर्ष पूर्व तक तदर्थ सेवा का लाभ मिलता आया है । इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना लागू किये जाने , तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण, मानदेय प्राप्त पी0 टी0 ए0 शिक्षकों की तदर्थ नियुक्ति तथा छुटे हुए पी0 टी0 ए0 शिक्षकों को मानदेय पर लेने की माँग की । रूद्रप्रयाग और टिहरी जनपदों के जिलाध्यक्षों ने 2014 और 2016 में अनुदान पर आए विद्यालयों के शिक्षकों के समायोजन , उनके एन0 पी0 एस0 आदि की कटौती की मांग की । इन मांगों के संदर्भ में शीघ्र ही मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मिलने का निर्णय लिया गया। प्रदेश कोषाध्यक्ष लीलाधर पंतोला , वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह नेगी, सलाहकार समिति के प्रदेश संयोजक ई0 वी0 कुमार , सलाहकार अविनाश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्षों प्रदीप त्यागी , संजय बिश्नोई ,विनोद तरियाल, विजय प्रधान , प्रदेश मंत्रियों रमाकांत श्रीवास्तव , महावीर सिंह मेहता, प्रदेश प्रवक्ता अशोक शर्मा आर्य ने भी सरकार से वेतन कटौती के निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की । ढाई घंटे चली बैठक में जिलाध्यक्ष और जिला मंत्रियों ने अपने-अपने जनपदों की समस्याओं से अवगत कराया और गत दो वर्ष की सदस्यता का विवरण प्रस्तुत किया । यह तय किया गया की प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन किया जाएगा। बैठक में उपरोक्त के अलावा जिलाध्यक्षों में राजेश सैनी हरिद्वार, संजय बिजल्वाण देहरादून, स्वतंत्र मिश्रा उधमसिंहनगर, पी0 सी0 जोशी नैनीताल, सुखदेव सिंह रावत रूद्रप्रयाग, डॉ0 एम0 एस0 बिष्ट पौड़ी, महादेव मैठाणी टिहरी, गणेश भट्ट अल्मोड़ा, कैलाश अंडोला बागेश्वर , जिलामन्त्रियों में जितेंद्र पुण्डीर हरिद्वार, अजय कौशिक उधमसिंहनगर, विनोद पाण्डेय अल्मोड़ा, अनिल नौटियाल देहरादून, मनीष कुमार पिथौरागढ़, भरत बिष्ट पौड़ी, सुरेंद्र रावत टिहरी, शैलेन्द्र कुमार नैनीताल सहित संजय रावत, सुषमा चौधरी, डॉ0 अभय ढोन्ढीयाल, मनमोहन रौतेला, वीरेंद्र सिंह प्रभु, विजय गेरा, सतीश चंद, सुभाष कल्याणी, अखिलेश मोहन शर्मा, नागेंद्र जुगरान, पूनम रावत आदि अनेक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया ।बैठक की तकनीकी व्यवस्था में मोहित कुमार, सचिन प्रधान और संचित शर्मा का विशेष सहयोग रहा ।

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