जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए पाले खींचे, दोनों खेमों ने लगाई ताकत, समर्थक सदस्यों की संख्या बढ़ाने की कोशिश

हरिद्वार । जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए पहले खींच गए हैं। दोनों खेमों की अधिक से अधिक जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने की कोशिश है। इसी क्रम में आए दोनों खेमों की मैराथन बैठक जारी रही। वही पांच और जिला पंचायत सदस्य आज भूमिगत हो गए। जिनका अब मोबाइल फोन पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। एक ओर से सुभाष वर्मा तो दूसरी ओर से बबलू राणा का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। सुभाष वर्मा भाजपा के प्रत्याशी होंगे तो बबलू राणा को कई नेताओं के संयुक्त प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है। दोनों ओर से धनबल का खूब प्रयोग हो रहा है। जिस कारण आज जिला पंचायत सदस्यों के भाव भी काफी बढ़ गए हैं। अभी तक दोनों खेमे संख्या बल की लिहाज से लगभग बराबर की स्थिति में हैं। वहीं चार जिला पंचायत सदस्य तटस्थ है। यह चारों जिला पंचायत सदस्य जिस ओर भी जाएंगे। अध्यक्ष उसी खेमे का बनना तय है। हालांकि इनमें भी कुछ सियासी समीकरणों के तहत टूट हो सकती है। यानी कि तीन एक ओर व एक दूसरी ओर जा सकता है। वही खुले में घूम रहे जिला पंचायत सदस्यों ने अपनी निजी सुरक्षा बढ़ा दी है। क्योंकि जिस तरह से एक-एक वोट के लिए जोड़-तोड़ हो रहे हैं। ऐसे में किसी के भी अगवा होने की आशंका है। माना जा रहा है कि कुछ जिला पंचायत सदस्यों ने अपने मोबाइल स्विच आॅफ कर दिए हैं। कई जिला पंचायत सदस्य तो अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी कोसों दूर पहुंच गए हैं। जिसके चलते बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी समर्थित सदस्यों को फोन मिलाएं । लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। गुरुवार को नामांकन दाखिल होंगे। इसके बाद पूरी तरह से ही तस्वीर साफ हो जाएगी। हालांकि अध्यक्ष पद के लिए तीन नामांकन दाखिल होने की संभावना है। इनमें से एक बाद में वापस ले लिया जाएगा। अध्यक्ष का चुनाव आमने-सामने का ही होगा। इस बीच 12 दिसंबर को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर भी हलचल है।। कुछ सदस्यों का मानना है कि हाई कोर्ट से फैसला अधिसूचना के खिलाफ आ सकता है।। यदि ऐसा होता है तो फिर अध्यक्ष का चुनाव और नए समीकरणों पर होगा। वैसे राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने संबंधी फैसला दोपहर से पहले आता है तो प्रभावी रहेगा । यदि नामांकन के बाद आता है तो आयोग उसे राय जानने के लिए विधि विशेषज्ञ के पास भेज देगी। बता दे की बर्खास्त जिला पंचायत अध्यक्ष सविता चौधरी के द्वारा नैनीताल हाईकोर्ट में अपनी बहाली और जिला पंचायत अध्यक्ष के उप युनाव लिए जारी अधिसूचना के खिलाफ याचिका दायर कर रखी है । जिसमें गुरुवार को सुनवाई होनी है। इसीलिए अध्यक्ष का चुनाव होगा या नहीं यह बात तो गुरुवार को ही पूरी तरह साफ हो सकेगी। हालांकि चौधरी राजेंद्र सिंह छीना ने आज अपने से संबंधित जिला पंचायत सदस्यों की विशेष बैठक की। लेकिन इस खेमे के मन में यह बात चलती रही कि अभी चुनाव में बहुत अधिक संसाधन न जुटाए जाएं। गुरुवार को हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई का इंतजार किया जाए। बबलू राणा भी आज चौधरी राजेन्द्र सिंह खेमे के संपर्क में देखे गए। पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद शहजाद और उनके भाई सत्तार अली एक गुप्त रणनीति पर काम करते हुए नजर आए। वही खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को नया मोड़ देने की कोशिश में लगे रहे।

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