किसान आंदोलन के समर्थन में रुड़की में किसानों ने रेलवे ट्रैक पर दिया धरना, पुलिस के साथ हुई नोकझोंक, राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की

रुड़की । दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में रुड़की में किसानों ने करीब पौने घंटे तक रेलवे ट्रैक पर बैठकर धरना दिया। ट्रैक पर जाने को लेकर किसानों की पुलिस से हल्की नोकझोंक भी हुई। किसानों ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन, उत्तराखंड किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों ने रेल रोको आंदोलन को समर्थन दिया था। रेल रोको आंदोलन के चलते रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। किसान प्रशासनिक भवन में एकत्र हुए और करीब साढ़े बारह बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। स्टेशन के मुख्य गेट और छोटे वाहनों के पार्किंग वाले गेट पर पुलिस बल तैनात किया गया था। जहां से चौपहिया वाहन जाते हैं वहां से किसान रेलवे स्टेशन परिसर में पहुंचे। यहां पर पहले से बैरिकेडिंग लगी थी। किसान बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़े। किसानों की रेलवे ट्रैक पर जाने को लेकर पुलिस से हल्की नोकझोंक भी हुई। बाद में उन्हें ट्रैक की ओर जाने दिया गया। किसान ट्रैक नंबर एक और दो पर धरने पर बैठ गए। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक कानून वापस नहीं होते तब तक दिल्ली से किसान लौटेगा नहीं। कहा कि सरकार किसानों की मांग अनसुनी कर रही है और उनके आंदोलन को बदमान करने की कोशिश हो रही है। करीब एक बजे एएसडीएम पूरण सिंह राणा रेलवे स्टेशन पहुंचे। किसानों ने उन्हें राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि गया कि जब तक कानून वापस नहीं होते तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेंगे। करीब सवा एक बजे किसानों ने दोनों ट्रैक पूरी तरह खाली कर दिए और स्टेशन से वापस लौट गए। इस दौरान भाकियू के प्रदेश सचिव चौधरी रवि कुमार, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, उकिमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड, पदम सिंह भाटी, मोहम्मद आजम, सुकरमपाल, सुरेंद्र लंबरदार, आकिल हसन, रवींद्र त्यागी, दीपक पुंडीर, दुष्यंत कुमार, नरेंद्र कुमार, सुधीर, ज्ञानचंद, वीरेंद्र सैनी, धर्मेंद्र कुमार, राजकुमार, सतवीर सिंह, ओमकार, महिपाल, अभिषेक सैनी, अब्दुल गनी, शाहिद, सुलेमान आदि मौजूद रहे।

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