अपनी मांगों को लेकर किसानों ने तहसील में दिया धरना, हाईवे चौड़ीकरण में किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने की मुख्य मांग

रुड़की । हाईवे चौड़ीकरण में किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा देने सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों ने तहसील में धरना दिया। बाद में उनकी एसडीएम से वार्ता हुई। तय किया गया कि शुक्रवार को एनएच के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। उसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया दिल्ली-हरिद्वार हाईवे चौड़ीकरण के तहत रुड़की में बाईपास का निर्माण होना है। नगला इमरती के ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें अन्य जगह से कम मुआवजा दिया जा रहा है। इसके खिलाफ ग्रामीणों ने दस दिन से निर्माण कार्य रुकवाया है और नगला में धरना दे रहे हैं। गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान तहसील में पहुंचे और धरना दिया। किसानों का कहना था कि नगला, जौरासी और लंढौरा के किसानों को कम मुआवजा दिया जा रहा है जबकि खटका के ग्रामीणों को अधिक मुआवजा मिला है। इसके साथ ही भाकियू ने चीनी मिलों से गन्ना भुगतान किए जाने, किसान-मजदूरों को 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली, ताशीपुर में टूटी नहर पटरी को ठीक किए जाने, मंगलौर बार्डर तक के हाईवे के गडढ़ों को भरने, उत्तम शुगर मिल की यार्ड को ठीक किए जाने आदि की मांग की। इसके बाद किसानों की एसडीएम गोपाल सिंह चौहान से वार्ता हुई। तय किया गया कि शुक्रवार को नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी मौका मुआयना करेंगे और किसानों के साथ बैठक करेंगे। 300 यूनिट तक बिजली का मामला एसडीएम ने शासन को भेजने की बात कही। हाईवे के गड्ढ़े भरने, मिल यार्ड ठीक करवाने की बात कही। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान भाकियू के जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री, मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, प्रदेश सचिव रवि कुमार, ओम प्रकाश, बालेंद्र, विनीत, अरशद, अजीम, मोहम्मद इरफान आदि मौजूद रहे।

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