रमजान के पहले जुमे की नमाज घरों में अदा की गई, कोरोना के खात्में को अल्लाह से मांगी दुआ

रुड़की । रमजान के पहले जुमे की नमाज मुस्लिम क्षेत्र की मस्जिदों में चिन्हित चार लोगों के द्वारा अदा की गई।बाकी लोगों ने लोकडाउन का पालन करते हुए अपने-अपने घरों में ही रमजान के पहले जुमे की नमाज अदा की।मोहल्ला सोत की जामा मस्जिद जिसमें लगभग तीन हजार लोग आम दिनों में नमाज अदा किया करते थे,वहां आज केवल चार लोगों ने ही रमजान के पहले जुमे की नमाज अदा की।इमाम मस्जिद कारी कलीम अहमद ने जुमे की नमाज अदा कराई।इसके अलावा आईआईटी मस्जिद,सफरमैना मस्जिद, साबरी मस्जिद,मरकज वाली मस्जिद सहित दर्जनों मस्जिदों में केवल चार लोगों द्वारा ही जुम्मे की नमाज अदा की गई।इस दौरान गुप्तचर विभाग तथा पुलिस प्रशासन द्वारा भी मुस्लिम मोहल्लों में मस्जिदों के आसपास कड़ी निगरानी रखी गई,परंतु रमजान का पहला जुमा पूर्व की भांति शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हो गया।जैसे कि प्रशासन को आशंका थी कि नमाज के दौरान लोग लोकडाउन का उल्लंघन कर सकते हैं,लेकिन ऐसा कहीं देखने को नहीं मिला।कारी कलीम अहमद ने बताया कि मस्जिदों में लगातार किए जा रहे ऐलान के कारण मुस्लिमों में लोकडाउन के प्रति कोरोना को लेकर सतर्कता बरती गई। आईआईटी में इमाम मौलाना अरशद कासमी ने रुतबा पढा तथा तीन लोगों द्वारा जुमे की नमाज अदा की गई।आईआईटी मस्जिद के प्रबंध कमेटी के सचिव प्रोफेसर अबसार काजमी ने बताया कि जब से कर्फ्यू लगा है केवल दो-चार लोग आईआईटी मस्जिद में नमाज अदा कर रहे हैं,बाकी मुस्लिम समुदाय के कर्मचारी अपने-अपने घरों अथवा परिसरों में रहकर रमजान की तरावीह व नमाज़ पढ़ रहे हैं।सर्व धर्म त्यौहार कमेटी के संयोजक व शायर अफजल मंगलौरी ने बताया कि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में लोग घरों में रहकर इबादत कर रहे हैं तथा लोकडाउन के नियमों का पूरी गंभीरता से पालन कर रहे हैं।मोहल्ले के बुजुर्ग अपनी जिम्मेदारी लेकर युवाओं को उनको घरों में ही रहकर अपना-अपना कार्य करने की नसीहत कर रहे हैं।सोत पुलिस चौकी प्रभारी अंकुर शर्मा ने बताया कि रमजान का पहला जुम्मा शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुआ और क्षेत्र के लोग बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने पुलिस-प्रशासन का पूर्ण सहयोग देकर लोकडाउन का पालन किया है।

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