सिविल लाइंस पुलिस ने किया वाहनों का फर्जी रजिस्ट्रेशन करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार, एसपी देहात ने किया खुलासा

रुड़की । सिविल लाइंस पुलिस ने वाहनों का फर्जी रजिस्ट्रेशन करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में उन्होंने कई मामलों से पर्दा उठायाम जबकि एक व्यक्ति फरार चल रहा है। जिसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। सिविल लाइन कोतवाली में मामले का खुलासा करते हुए एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि 29 सितंबर को मनोज कुमार पुत्र जे सिंह निवासी डिकोली बागपत उत्तर प्रदेश अपने वाहन संख्या MN-03D-0725 ट्रक का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए एआरटीओ कार्यालय रुड़की में असम (मणिपुर) से उक्त ट्रक की एनओसी, जो मनोज के नाम थी, को लेकर आया था, जिनके द्वारा ट्रक कर कागजात एआरटीओ कार्यालय पर रजिस्ट्रेशन के लिए दिए गए। जिसकी प्रक्रिया के तहत उक्त रजिस्ट्रेशन नंबर को ऑनलाइन चेक किया गया, तो पाया कि उक्त एनओसी पूर्व में भी मनोज कुमार के नाम से जारी की गई थी। जिसे रजिस्ट्रेशन के लिए 11 जून 2019 को कार्यालय में लाया गया था। जो रजिस्ट्रेशन होने पर उक्त ट्रक को रजिस्ट्रेशन संख्या UK-17-CA-3058 जारी किया गया। मनोज कुमार ने 29 सितंबर को जो कागजात अपने ट्रक के एआरटीओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन हेतु प्रस्तुत किए थे, जब उन्हें चेक किया गया तो, ट्रक पर अंकित चेसिस नंबर व इंजन नंबर पूर्व में ही एक अन्य ट्रक को रजिस्ट्रेशन UK-17-CA-3058 पर होना मिला। इस मामले में जब एआरटीओ कार्यालय द्वारा नेशनल रजिस्ट्रेशन कार्यालय से मिलान किया गया, तो दोनों ट्रक पर एक ही ईंजन व चेसिस नंबर पाया गया। उक्त संबंध में टाटा मोटर्स से एआरटीओ कार्यालय द्वारा अवगत कराया गया कि ऑल इंडिया नेटवर्क में उक्त चेसिस नंबर व इंजन नंबर का कोई वहां पंजीकृत नही मिला। पूर्व में आवंटित रजिस्ट्रेशन नंबर UK-17-CA-3058 शराफत पुत्र असगर निवासी मोहल्ला किला थाना मंगलोर के नाम पंजीकृत मिला। जबकि ट्रक संख्या MN-03D-0725 मनोज कुमार के नाम पंजीकृत होना पाया गया। उक्त व्यक्ति उपरोक्त अंकित ट्रकों ले रजिस्ट्रेशन हेतु जाली प्रपत्र तैयार कर ईंजन व चेसिस नंबर का निर्माण कर ट्रक को असली रुप में इस्तेमाल किया जाता था। एसपी देहात स्वप्न किशोर सिंह ने सिविल लाइन में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उक्त मामले के अनावरण के लिए एसआई प्रदिप कुमार व कॉन्स्टेबल राजेश देवरानी, डोडी सिंह, सचिन, नीरज राणा व एआरटीओ कार्यालय की टीम को शामिल किया गया। जिस पर जांच टीम ने वाहन MN-03D-0725 को मनोज के घर से बरामद कर लिया तथा UK-17-CA-3058 को शराफत पुत्र असगर द्वारा लावारिस हालात में एआरटीओ कार्यालय के बाहर छोड़कर फरार हो गया। 16 अक्टूबर को टीम ने मनोज कुमार पुत्र जे सिंह व खालिद पुत्र अली शेर को एआरटीओ कार्यालय रुड़की से गिरफ्तार कर लिया तथा दोनों ट्रक बरामद कर कोतवाली ले आई। इस सम्बद्ध में सम्भागीय निरीक्षक प्रवर्तक रुड़की द्वारा उक्त मामले में कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। जबकि पुलिस फरार शराफत की तलाश कर रही है। टीम में एसआई प्रदीप कुमार, एएसआई बालम सिंह, कॉन्स्टेबल राजेश देवरानी, डोडी सिंह, सचिन, नीरज व संभागीय परिवहन निरीक्षक अजय कुमार, शेलेन्द्र सिंह बिष्ट, सिपाही अमित व अश्विन चौहान शामिल रहे।

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