गैंगस्टर को दो वर्ष की कठोर कैद, पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा, तत्कालीन प्रभारी ने डीएम द्वारा जारी गैंग चार्ट के आधार कोतवाली रानीपुर में दर्ज कराया था केस

हरिद्वार । संगठित गिरोह बनाकर हत्या, लूट, डकैती, चोरी करने और लोगों को डराने के मामले में विशेष जज गैंगस्टर/तृतीय एडीजे वरुण कुमार ने एक दोषी को दो साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सरकारी अधिवक्ता राजू विश्नोई ने बताया कि तीन सितम्बर 2015 में शिकायतकर्ता तत्कालीन प्रभारी कोतवाली रानीपुर ने डीएम द्वारा जारी गैंग चार्ट के आधार कोतवाली रानीपुर में केस दर्ज कराया था। घटना वाले दिन तत्कालीन पुलिस निरीक्षक योगेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए गश्त कर रहे थे। उसी दौरान आरोपी गैंग लीडर अमित पुत्र कालूराम, संजू पुत्र प्रहलाद, अंकित पुत्र उमेश कुमार व अंकुल शर्मा पुत्र मुकेश शर्मा निवासी गण मौहल्ला कड़च्छ ज्वालापुर कोतवाली ज्वालापुर हरिद्वार के द्वारा हत्या, लूट, डकैती, चोरी और लोगों को डरा धमकाकर समाजविरोधी क्रियाकलापों की वारदात को अंजाम देने की सूचना मिली थी। यही नहीं, आरोपियों के डर से लोग इनके खिलाफ गवाही देने से भी डरते हैं। सभी आरोपियों पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। रानीपुर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वर्ष 2017 में सह आरोपी अमित, संजू व अंकित अपना जुर्म इकबाल कर केस का निस्तारण करवा चुके हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य में सभी गवाह पेश किए गए। स्पेशल जज गैंगस्टर कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की दलीलें व प्रस्तुत साक्ष्य पर सुनवाई करने के बाद आरोपी अंकुल शर्मा को केस में दोषी ठहराया है।

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