चॉकलेट डे पर अपने साथी को दें ये मीठा तोहफा, जो आपके दोस्त के दिल को भी रखेगा हेल्दी

वैलेंटाइन वीक की शुरुआत हो चुकी है, रोज डे और प्रपोजल डे के बाद आज यानि 9 फरवरी को चॉकलेट डे हैं। हम रोज डे और प्रपोजल डे का बेसब्री से इंतजार करते हैं लेकिन उससे अगले दिन चॉकलेट डे को हम नजरअंदाज कर देते हैं। अगर आप अपने साथी से प्यार करते हैं तो इस दिन को नज़रअंदाज नहीं करें बल्कि अपने साथी को चॉकलेट गिफ्ट करें। चॉकलेट डे पर चॉकलेट गिफ्ट करके आप अपने साथी को खुश कर सकते हैं। चॉकलेट खाकर आपके साथी का मूड भी प्यार भरा हो जाएगा।
कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि चॉकलेट खराब मूड को अच्छा कर सकती हैं। इसे खाने से मूड के साथ ही सेहत भी अच्छी रहती है। चॉकलेट हमारे रिश्तों में मिठास घोलती है। वैलेंटाइन के इस प्यार भरे मौके पर आप अपने साथी को उसकी पसंद की चॉकलेट खिलाएं। डार्क चॉकलेट आपके साथी को हेल्दी बनाएगी। चॉकलेट ना सिर्फ दोस्ती को मजबूत बनाएगी बल्कि आपके दोस्त को भी स्ट्रॉन्ग बनाएगी। डार्क चॉकलेट का सेवन करने से आपके साथी का दिल भी स्ट्रॉन्ग रहेगा। कई अध्ययन ये बताते हैं कि डार्क चॉकलेट में मौजूद कार्डियो प्रोटेक्टिव गुण हॉर्ट अटैक का खतरा 50 परसेंट तक कम करते हैं। आइए जानते हैं कि चॉकलेट का सेवन किस तरह सेहत के लिए फायदेमंद है।

ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करेगी: कुछ लोगों का ब्लड प्रेशर हाई रहता है तो कुछ का लो रहता है। लो ब्लड प्रेशर के मरीज बीपी को नॉर्मल करने के लिए चॉकलेट का सेवन करें। डॉर्क चॉकलेट में बायोएक्टिव कंपाउंड मौजूद होते हैं जो ब्लड फ्लो में सुधार कर सकते हैं।

डार्क चॉकलेट खुश रखेगी: चॉकलेट खाने से मूड भी प्रभावित होता है। चॉकलेट में सेरोटोनिन, न्यूरोट्रांसमीटर और ट्रिप्टोफैन होता हैं जो मूड को प्रभावित करते हैं। चॉकलेट का सेवन करने से आप खुश रहेंगे। सेरोटोनिन एक न्यूरोट्रांसमीटर होता है जो एक केमिकल मैसेंजर होता है। यह हमारे मूड को भी रेगुलेट करता है, साथ ही हमारे पाचन तंत्र को भी सही करता है।

कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करती है: डॉर्क चॉकलेट खाने से ना सिर्फ बॉडी में फैट कम होता है बल्कि कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल रहता है।

डिप्रेशन का इलाज करती है: डिप्रेशन और तनाव आजकल हर इनसान के पास है। आप जानते हैं कि तनाव और डिप्रेशन का इलाज आप चॉकलेट से भी कर सकते हैं।

सर्दी-जुकाम का इलाज करती है: चॉकलेट का सेवन करने से सर्दी जुकाम से भी निजात मिलती है। डार्क चॉकलेट में थियोब्रोमाइन रासायनिक पदार्थ मौजूद होता है जो सांस से संबंधित बीमारियों पर असरदार होता है।

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