हमें पर्यावरण से जोड़ता है हरेला पर्व: डाॅ. ललित नारायण मिश्र, हरेला पर्व पर महाविद्यालय में किया गया पौधरोपण

हरिद्वार । एस.एम.जे.एन. पी.जी. काॅलेज में हरेला के शुभ पावन अवसर पर ललित नारायण मिश्र-सचिव, हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण, मनोज कुमार कात्याल-अपर पुलिस अधीक्षक, जीआरपी, वरिष्ठ समाजसेवी डाॅ. विशाल गर्ग श्रीमती नरेश रानी गर्ग, व काॅलेज प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार द्वारा नीम, बिल्वपत्र, गुलमोहर, कनेर, जामुन आदि के पौधों कोे रोपित कर पौधारोपण कार्यक्रम चलाया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को स्वच्छ बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों में अपना योगदान देने का भी संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर काॅलेज प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष श्रीमहन्त रविन्द्र पुरी जी महाराज ने हरेला पर्व की बधाई देते हुए अपने वर्चुअल संदेश के माध्यम से कहा कि वन हमारी राष्ट्रीय धरोहर हैं। वनों के विनाश एवं कटान से इको सिस्टम असन्तुलित हो गया है। वन क्षेत्रों के संरक्षण व विकास हेतु सरकार लगातार प्रयास कर रही है परन्तु पर्यावरण को संरक्षित करना ना सिर्फ सरकार का वरन् प्रत्येक नागरिक का भी पुनीत कर्तव्य है।
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव डाॅ. ललित नारायण मिश्र ने हरेला पर्व की बधाई देते हुए कहा कि हरेला पर्व हमें पर्यावरण से जोड़ता है। पर्यावरण का संरक्षण उत्तराखण्ड की संस्कृति का एक अभिन्न अंग है। पौधारोपण द्वारा ही जल संरक्षण एवं संवर्धन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाकर चलना आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित सभी प्राध्यापकों व छात्र-छात्राओं से दस वृक्ष रोपित करने एवं वर्षभर उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। डॉ मिश्र ने कहा कि वृक्ष अनेक प्रकार के जीव-जन्तुओं का निवास स्थान, वातावरण में प्राण वायु आॅक्सीजन की मात्रा सन्तुलित करने, मानव जीवन को विभिन्न संसाधनों से परिपूर्ण करने तथा मिट्टी एवं स्थल का अपरदन रोकने जैसी गतिविधियों के लिए वृक्ष के अतिरिक्त हमारा कोई दूसरा साथी नहीं हो सकता। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना एवं काॅलेज द्वारा गठित पर्यावरण मित्र क्लब के छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि पक्षियों द्वारा खाये गये बीजों से जो पोधे हमारे घर के आस-पास अनायास ही पनप जाते हैं, उनको वहां से निकालकर किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर रोपित करे।
डाॅ. मिश्र ने काॅलेज द्वारा पर्यावरण मित्र क्लब बनाये जाने पर काॅलेज प्रशासन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए पर्यावरण मित्र क्लब के सदस्यों से पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका का बढ़-चढ़कर निर्वहन करने का आह्वान किया।
अपर पुलिस अधीक्षक, जीआरपी, मनोज कुमार कात्याल ने हरेला पर्व की शुभकामनायें देते हुए कहा कि धरती पर हमारे सबसे नजदीकी मित्र वृक्ष हैं, जब आप वृक्ष काटते हैं तो समझइये आप अपनी जीवन शक्ति पर प्रहार कर रहे हैं और अपनी ही परेशानियों को बढ़ा रहे हैं। यदि हम वृक्षों को उगायेंगे तो वे हमें आगे बढ़ायेंगे जो मानव कल्याण के लिए बहुत जरूरी है।
वरिष्ठ समाजसेवी डाॅ. विशाल गर्ग ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक आपदा के चलते आॅक्सीजन की भारी किल्लत समाज के सम्मुख आयी है। अतः हमें कोरोना को हराना है तो पौधारोपण को अपनाना है।
डाॅ. विशाल गर्ग की माताजी श्रीमती नरेश रानी गर्ग ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में अनेक पौधों का रोपण किया तथा उपस्थितजनों से अपील की कि हम सभी का कर्तव्य है कि एक पौधा अवश्य रोपित करें।
काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि हरेला सिर्फ एक त्यौहार न होकर उत्तराखण्ड की जीवनशैली का प्रतिबिम्ब है। यह पर्यावरण के साथ सन्तुलन साधने वाला त्यौहार है। हरियाली देखकर व्यक्ति का तन-मन प्रफल्लित हो उठता है। हरेला पर्व से व्यक्तिवादी मूल्यों की जगह समाजवादी मूल्यों को वरीयता दी गयी है। डाॅ. बत्रा पर्यावरण को स्वच्छ रखना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए क्योंकि जीवन व पर्यावरण के सन्तुलन को बनाये रखने के लिए वृक्षों का अस्तित्व में रहना नितान्त आवश्यक है।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं आई क्यू ए सी के समन्वयक डाॅ. संजय कुमार माहेश्वरी ने अतिथियों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए उपस्थित छात्र-छात्राओं से कम से कम एक पौधा रोपित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर डॉ सुधीर अग्रवाल, राजीव गुप्ता, विनीत गुप्ता, महेश चंद्र गुप्ता, हिमांशु गुप्ता,राष्ट्रीय सेवा योजना की डाॅ. सुषमा नयाल, विनय थपलियाल, कार्यक्रम संयोजक डाॅ विजय शर्मा व डाॅ. पदमावती तनेजा,
पर्यावरण क्लब की चित्रा भारती, ईशाा खेसरी, संध्या आर्य, खुशी जैन, भाग्यलक्ष्मी, स्नेहा शर्मा, निक्की शर्मा, चारू, प्रेरणा मदान, अंजली, नितिन धामा, कामना त्यागी, कीर्ति त्रिपाठी, आरती कुमारी सहित अनेक छात्र-छात्राओं द्वारा कोविड-19 की एस ओ पी के दृष्टिगत पौधा-रोपण कार्यक्रम चलाया गया।

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