कनखल पुलिस ने आशा रानी हत्याकांड का खुलासा किया, किरायेदार ने की थी आशा की हत्या, हत्या के बाद सीसीटीवी कैमरों की टीवीआर को नहर में फेंका

हरिद्वार । कनखल पुलिस व सीआईयू की सयुंक्त टीम ने आशा रानी हत्याकाण्ड का खुलासा करते हुए हत्यारोपी पूर्व किरायेदार को गिरफ्तार किया है। जिसके पास से पुलिस ने जेवरात बरामद किये है। जबकि सीसीटीवी कैमरों की टीवीआर को हत्यारोपी ने गंगनहर में फैके जाने की बात कही जा रही है। पूछताछ के दौरान हत्यारोपी पूर्व किरायेदार ने पैसों को लेकर वृद्धा की हत्या की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। जिसके खिलाफ पुलिस ने सम्बंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। घटना का खुलासा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अबुदेंई कृष्णराज एस ने शुक्रवार को कनखल परिसर में पत्रकार वार्ता के दौरान किया। उन्होंने बताया कि 13 फरवरी 20 की दोपहर दिनदहाडे आशा रानी पत्नी स्व. रोशन लाल बोहरा उम्र करीब 58वर्ष निवासी पहाड़ी बाजार कनखल की गला घोट कर हत्या कर दी थी। घटना की जानकारी लगते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया था। मृतका द्वारा पहने गये गहने शरीर से नदारत थे और घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी गायब थी। जिसको देखकर लग रहा था कि हत्या किसी परिचित द्वारा की गयी है। उन्होंने बताया कि मृतका के बेटे सुमित बोहरा द्वारा अज्ञात हत्यारेें के खिलाफ हत्या का मुकदमा कनखल थाने में दर्ज कराया था। पुलिस ने घटना के आसपास के करीब तीन दर्जन लोगों से गहनता से पूछताछ की गयी। लेकिन हत्या के सम्बंध् में कोई सुराग नहीं लग सका था। हत्या की घटना का खुलासा करने के लिए सीआईयू टीम को भी कनखल पुलिस के साथ लगाया गया था। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में एक हैलमेट पहना व्यक्ति घर में घुसते व बाहर निकलते देखा गया। जिसकी पहचान के अथक प्रयास किये गये। लेकिन पुलिस के हाथ कोई सीसीटीवी कैमरें में दिखाई दे रहे व्यक्ति का कोई सुराग नहीं लग सका। एसएसपी ने बताया कि पुलिस के लिए महिला की हत्या एक ब्लांइड केस था। जिसको खोलना पुलिस के लिए चुनौती था। लेकिन पुलिस और सीआईयू टीम अपने मुखबिर तंत्रों के सहारे और आसपास के लोगों की पूछताछ के जरिये हत्यारे तक पहुंचने के प्रयास में जुटी रही। इसी बीच पुलिस और सीआईयू को महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी, जिसमें पता चला कि मृतका के घर में वर्ष 2009-2010 तक वीरेन्द्र सिंह बिष्ट उर्फ विष्णु उर्फ विशाल पुत्र स्व. जग सिंह बिष्ट निवासी ग्राम भगोती चैखुटिया अल्मोडा हाल निवासी महरौली दिल्ली किराये पर रहता था। जिसकी कद काठी सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दे रहे शख्स से मिलती जुलती थी। जिसकी पुलिस व सीआईयू ने तलाश शुरू की तो टीम को चौकाने वाली जानकारी हाथ लगी कि फरवरी माह में गुरूकुल कांगडी विवि में रहने वाली साली के यहां देखा गया था। उन्होंने बताया कि पुलिस व सीआईयू टीम ने पूर्व किरायेदार की तलाश करते हुए उसको दिल्ली में दबोच लिया और हरिद्वार ले आयी। पूछताछ के दौरान पूर्व किरायेदार ने पहले तो घटना से अपना कोई वास्ता न होने की बात कहते हुए पुलिस व सीआईयू टीम को गुमराह करता रहा। लेकिन जब टीम ने सख्ती दिखाई तो उसने सच्चाई उंगल दी। आरोपी पूर्व किरायेदार ने पूछताछ के दौरार स्वीकार किया कि उसने ही 13 फरवरी को कनखल मृतका के घर पहुंचकर पैसों को लेकर गला घोट कर हत्या की थी। और मृतका के द्वारा पहने गये सोने के जेवरात सोने के दो कंगन, तीन सोने की अगूंठी और उसकी पहचान न हो सके। इसलिए घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर लेकर फरार हो गया। जिसने सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को बहादराबाद क्षेत्र में गंगनहर में फैंक दिया था। पुलिस व सीआईयू टीम ने हत्यारोपी की निशानदेही से मृतका के शरीर से लूटी गये सोने के जेवरात और हत्या में प्रयुक्त कपडा भी बरामद कर लिया। पुलिस ने हत्यारोपी के खिलापफ सम्बंधित धाराओें में मामला दर्ज कर लिया। हत्या का खुलासा करने वाली टीम को गढवाल आईजी की ओर से पांच हजार और एसएसपी की ओर से ढाई हजार का ईनाम देने की घोषणा की है। प्रेसवार्ता के दौरान एपी सिटी कमलेश उपाध्याय, सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।

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