हरीश रावत बोले – वोट तो परिवर्तन के पक्ष में था, ये भाजपा कैसे फिर से सत्ता में वापसी कर रही है

देहरादून । उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए नतीजे 10 मार्च को सामने आएंगे। अलग-अलग एक्जिट पोल में भाजपा और कांग्रेस की सरकार बनने के दावे किए जा रहे हैं। हालांकि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल एक्जिट पोल को अपने अपने हिसाब से देख रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि सरकार उनकी ही बनेगी। इस बीच कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि कुछ एग्जिट पोल के निष्कर्षों ने उत्तराखंड के लोगों के माथे में सिकन डाल दी है। लोगों को लग रहा है कि उनका वोट तो परिवर्तन के पक्ष में था, ये भाजपा कैसे फिर से सत्ता में वापसी कर रही है। कांग्रेस की जीत के प्रति आश्वस्त हरीश रावत ने कहा कि कहीं दूर-दूर तक भाजपा सत्ता में वापसी नहीं करने जा रही है, एक माइंड गेम सत्तारूढ़ दल के इशारे पर खेला जा रहा है। आप देखिए न कुछ एग्जिट पोलों में पार्टी विशेष के लिए बताया गया है कि ये पार्टी 32 से 42 तक या इस नंबर से इस नंबर तक सीटें हासिल करेगी, अर्थात 9-9, 10-10 सीटों का अनुमान तो ये एग्जिट पोल का भी अपमान है। हरदा ने कहा कि जनता ने परिवर्तन के पक्ष में वोट दिया है, परिवर्तन का नेतृत्व स्वयं उत्तराखंड की जनता कर रही थी, हमने पूरे चुनाव अभियान में इस बात को बहुत गहराई से अनुभव किया। हमसे तो केवल इस समय जनता की अपेक्षाएं हैं गैरसैंण से लेकर गैस का सिलेंडर नहीं होगा 500 के पार तक, समाज कल्याण की पेंशनों में वृद्धि से लेकर उपनल कर्मियों सहित ऐसे सभी राज्य कर्मी जो राज्य के लिए काम करते हैं, मगर जिनको राज्य कर्मी का दर्जा नहीं मिल पा रहा है, उन सभी लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करना है, लोगों की अपेक्षाएं ढेरों हैं, लोग ऐसे में कांग्रेस के बजाय किसी और पार्टी का राग सुनना पसंद नहीं करेंगे और न कर रहे हैं। पूर्व सीएम ने आगे कहा कि कांग्रेसजन उत्साहपूर्वक मतगणना की प्रक्रिया में भाग लें और अपने उम्मीदवारों की विजयी का जश्न मनाने की भावना लेकर मतगणना केंद्र में पहुँचें, फिर कुछ ऐसे भी एग्जिट पोल हैं जिन्होंने सीट दर सीट आकलन किया है, वो सारे आकलन जिसमें कांग्रेस से दूर से भी मित्रता न रखने वाले कुछ समाचार एजेंसीज भी सम्मिलित हैं, उनके एग्जिट पोल भी हैं जो कांग्रेस की सरकार बना रहे हैं, खैर एग्जिट पोल भी एक विधा है, मैं उस पर शंका नहीं उठा रहा हूँ, एग्जिट पोल करवाने वाले किस भावना से करवा रहे हैं, उस पर तो विचार किया ही जा सकता है।

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