लॉकडाउन के बीच आईआईटी रुड़की ने डिजिटल प्रारुप में शिक्षण कार्य शुरू किया, शुल्क माफी पाने वाले छात्रों को बेहतर इंटरनेट सेवा प्राप्त करने के लिए 500 रुपये की मदद प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी

रुड़की । कोविड-19 महामारी की वजह से देश भर में 14 अप्रैल तक लागू लॉकडाउन के कारण कक्षाएं स्थगित हैं। इस बीच आईआईटी रुड़की ने इंटरनेट पर छात्रों के साथ डिजिटल सामग्री साझा कर शिक्षण कार्य फिर से शुरू कर दिया है। संस्थान इस तथ्य को स्वीकार करता है कि ई-लर्निंग कक्षा में दी गयी शिक्षा को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता है, लेकिन लॉकडाउन के दौरान शिक्षण गतिविधियों को जारी रखने के उद्देश्य से संस्थान ने संकाय सदस्यों को दूरस्थ शिक्षा प्रदान करने के विभिन्न विकल्प दिए हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि पाठ्यक्रम के विभिन्न भाग अलग-अलग डिजिटल प्रारूपों के अनुकूल हैं, संकाय सदस्यों को शिक्षण को यथासंभव प्रभावी बनाने के लिए लाइव वीडियो, इंटरेक्टिव लाइव वीडियो, वीडियो फ़ाइलों, पीपीटी, आवाज़ या पाठ टिप्पणी के साथ पीपीटी, पीडीएफ, डॉक, जेपीजी मोड का लाभ उठाने के लिए कहा गया है।
कुछ विकल्प निम्नलिखित हैं, जिनका उपयोग किया जा सकता है-
(i) गुगल क्लासरूम/वेबेक्स/जूम/माइक्रोसॉफ्ट टीम के माध्यम से रियल-टाइम लेक्चर।
(ii) एनपीटीईएल या स्वयं आदि पर उपलब्ध उन सामग्रियों की मैपिंग जिसे विशिष्ट वीडियो लेक्चर के द्वारा पढ़ाया जाना है।
(iii) आवाज/पाठ टिप्पणी के साथ या उसके बिना पीपीटी/पीडीएफ साझा करना।
(iv) फैकस्पेस या चैनल-I पर सामग्री अपलोड करना।
(v) सामग्री साझा करने और संदेश भेजने के लिए वाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर का उपयोग।
(vi) संबंधित सोर्स, लेक्चर नोट, बुक चैप्टर, असाइनमेंट, प्रजेंटेशन, केस स्टडी आदि को साझा करना । अगर कोई सामग्री डिजिटल प्रारुप में नहीं है तो स्कैन करके उसका डिजिटल प्रारुप प्राप्त किया जा सकता है । फोन की मदद से फोटो लेकर स्कैनिंग आसानी से की जा सकती है ।
(vii) कोई अन्य डिजिटल प्रारूप जो सुविधाजनक हो । “डिजिटल सामग्री को साझा करने के दौरान जरूरी नहीं है कि यह लाइव या इंटरेक्टिव हो, और इसलिए छात्र अपनी सुविधानुसार उस सामग्री का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र होंगे। छात्रों के प्रश्नों और संदेहों का जवाब देने के लिए नियमित इंटरैक्टिव चैट / वीडियो / ई-मेल आधारित सत्र आयोजित किए जा सकते हैं। जहां तक संभव हो लाइव सेशन का आयोजन उस स्लॉट में किया जाएगा जो वर्तमान सेमेस्टर की समय सारिणी में उस खास पाठ्यक्रम को दिया गया है। शिक्षण की गति कक्षा शिक्षण के दौरान की गति की तुलना में थोड़ी धीमी होगी, “प्रो.अजीत के. चतुर्वेदी, निदेशक-आईआईटी रुड़की, ने कहा।सभी छात्रों के पास इंटरनेट की नियमित तथा उच्च गति की सेवा उपलब्ध नहीं है। लेकिन मध्यम गति की इंटरनेट सेवा छात्रों के एक बड़े हिस्से के पास उपलब्ध है। ऐसे छात्रों को कुछ दिनों या शायद हफ्तों के बाद सामग्री मिल पाएगी। संस्थान परीक्षा के समय को अंतिम रूप देते समय इस बात को ध्यान में रखेगा। पूर्ण / आंशिक शुल्क माफी पाने वाले छात्रों को बेहतर इंटरनेट सेवा प्राप्त करने के लिए 500 रुपये की मदद प्रतिपूर्ति के रूप में मिलेगी। सामान्य सेमेस्टर गतिविधि शुरू होने के बाद वे इस प्रतिपूर्ति का लाभ उठा सकते हैं।

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