भारतीय धनगर समाज महासंघ ने मनाई लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती, मास्क व सैनिटाइजर किए वितरित, कहा अहिल्या बाई ने केवल धनगर समाज के लिए ही नहीं बल्कि पिछड़ों के लिए भी संघर्ष किया

कलियर । भारतीय धनगर समाज महासंघ ने मनाई उत्तराखंड ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। सोमवार को कलियर के इमलीखेड़ा गांव आयोजित हुए जयंती कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष जगपाल धनगर और प्रदेश उपाध्यक्ष रंजन धनगर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष जगपाल धनगर और प्रदेश उपाध्यक्ष रंजन धनगर ने कहा कि लोकमाता देवी आहिल्याबाई होल्कर की जीवनी को समझने की जरूरत है। देवी अहिल्या बाई का जन्म मध्य प्रदेश के जिला इंदौर में 31 मई 1725 को हुआ था। देवी अहिल्या बाई पति खांडेराव होल्कर की मृत्यु के बाद सती होना चाहती थीं। लेकिन ससुर के समझाने पर उन्होंने अपना विचार बदल दिया। 1766 में ससुर मलहार राव की मृत्यु के बाद उन्होंने होल्कर राज्य की बागडोर संभाली और तीस वर्षों तक कुशल राज्य किया। 13 अगस्त 1795 को देवी अहिल्या बाई का स्वर्गवास हो गया। जिला कार्यकारिणी सदस्य पवन पाल धनगर ने कहा कि अहिल्या बाई ने केवल धनगर समाज के लिए ही नहीं बल्कि पिछड़ों के लिए भी संघर्ष किया। जिसके लिए वह हमेशा याद की जाती रहेंगी। उन्होंने समाज के लोगों से लड़कों के साथ ही अपनी लड़कियों को भी उच्च शिक्षित बनाने का आह्वान किया। इस मौके पर बिजेंद्र धनगर, पंकज धनगर, मुकेश धनगर, कपिल धनगर, संजीव धनगर, हर्ष धनगर, मधुसूदन सैनी, जोनी पाल, सचिन धनगर, विपिन धनगर, अंकुश धनगर, मांघेराम धनगर, संझु धनगर, विशांत धनगर, नवीन धनगर, श्रीनिवास धनगर, विक्रम धनगर, अरुण आदि मौजूद रहे।

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