अपात्र ले रहे हैं पेंशन, नहीं करा रहे हैं सत्यापन, हरिद्वार जिले में 5000 से अधिक अप्राप्त कर रहे हैं पेंशन

हरिद्वार । हरिद्वार जिले में करीब 5000 अपात्र पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। जिसके चलते हैं संबंधित लोग समाज कल्याण विभाग की टीम के सामने आने से कतरा रहे हैं। कहीं उनकी गलत ढंग से जारी हुई पेंशन बंद न हो जाए। वह सत्यापन नहीं करा रहे हैं। ऐसा किसी एक ब्लॉक क्षेत्र में नहीं बल्कि सभी ब्लॉक क्षेत्र शहर कस्बों में है। बता दें कि समाज कल्याण विभाग इन दिनों विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर पेंशनधारियों का सत्यापन करा रहा है। इसके लिए सभी ब्लॉक, नगर में विभाग की टीमें जा रहे हैं। पिछले दिनों भगवानपुर, पिरान कलियर, झबरेड़ा, मंगलौर ,लंढोरा, बहादराबाद ,खानपुर आदि क्षेत्रों में सत्यापन का कार्य चला लक्सर में भी यह छानबीन चल रही है। लेकिन जानकारी मिली है कि इस क्षेत्र के काफी लोग पेंशन का सत्यापन कराने नहीं पहुंचे। जिनकी विभाग पेंशन रोकने जा रहा है। विभागीय सूत्रों ने बताया है कि उच्च अधिकारी स्तर पर निर्णय ले लिया गया है कि जो भी पेंशन धारी सत्यापन नहीं करा रहा है। उसकी पेंशन रोक दी जाए। लक्सर में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन ले रहे करीब 1400 लोगों की पेंशन रुक सकती है। पेंशनधारकों के सत्यापन के लिए सोमवार को समाज कल्याण विभाग द्वारा लगाए गए शिविर में कुल 2091 में से 700 लोगों ने ही पहुंचकर सत्यापन कराया है। सत्यापन से छुटे लोगों को विभाग एक और मौका देने की बात कह रहा है।लक्सर विकासखंड क्षेत्र में फुल 1685 लोगों को इस समय वृद्धावस्था पेंशन का लाभ मिल रहा है। इनके अलावा 269 महिलाओं को विधवा पेंशन और 137 को सरकार की तरफ से दिव्यांग पेंशन भी दी जा रही है। पिछले दिनों लक्सर के ही सुल्तानपुर में काफी लोगों को पात्र न होते हुए भी पेंशन दिए जाने का मामला सामने आया था। इसके बाद समाज कल्याण विभाग पेंशनधारकों का भौतिक सत्यापन कर रहा है। सोमवार को लक्सर नगरपालिका कार्यालय पर पेंशन ले रहे लाभार्थियों के सत्यापन के लिए शिविर लगाया गया। शिविर में वृद्धावस्था पेंशन का सत्यापन कराने के लिए कुल 450 लोग ही पहुंचे। जबकि विधवा पेंशन लेने वाली 185 महिलाओं और दिव्यांग पेंशन के 75 लाभार्थियों ने शिविर में पहुंचकर सत्यापन का फार्म भरा है। शिविर में मौजूद लक्सर विकासखंड के सहायक समाज कल्याण अधिकारी अंशुल राठी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि जिन्होंने शिविर में पहुंचकर फार्म भरा है, उनके सत्यापन का काम पूरा किया जा रहा है। जो लाभार्थी सत्यापन कराने नहीं आए हैं, उन्हें अपने दस्तावेज जमा करने के लिए एक मौका और दिया जाएगा। तब भी सत्यापन न कराने पर पेंशन का भुगतान रोका जा सकता है। साथ ही उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी संभव है। क्योंकि हरिद्वार जनपद में जिस तरह से अपात्र लोग पेंशन ले रहे हैं। यदि जांच में इसकी पुष्टि हो गई तो निश्चित रूप से उनके खिलाफ गलत डॉक्यूमेंट के आधार पर सरकारी सहायता प्राप्त करने संबंधी कार्रवाई होगी। वैसे तो कुछ लोगों को कार्रवाई के डर से खुद ही लिख कर देने लगे हैं कि वह पेंशन प्राप्त करने के दायरे में नहीं आ रहे हैं। लिहाजा, उनकी पेंशन बंद कर दी जाए।

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