इकबालपुर चीनी मिल पहले दे भुगतान, इसके बाद समिति जारी करेगी गन्ने का इंडेंट, गन्ना विकास समिति के प्रशासक सुशील चौधरी ने चीनी मिल प्रबंधन को बकाया भुगतान के लिए चेताया

रुड़की । इकबालपुर गन्ना विकास समिति के प्रशासक सुशील चौधरी ने इकबालपुर चीनी मिल प्रबंधन से साफ शब्दों में कहा है कि पहले वह वर्ष 2019-20 का बकाया पूरा भुगतान करें। इसके बाद ही समिति गन्ने का इंडेंट किसानों तक भेजेगी । उन्होंने कहा कि उससे पूर्व के वर्षों का भुगतान भी चीनी मिल प्रबंधन को जल्द से जल्द करना होगा। समिति प्रशासक सुशील चौधरी ने गन्ना विकास समिति का चीनी मिल पर चला रहा कमीशन का पैसा भी जल्द जारी करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि चीनी मिल प्रबंधन ने किसानों के साथ जो भुगतान का वादा किया था उसको पूरा करना चाहिए । चीनी मिल प्रबंधन कतई न सोचे कि वह भुगतान किए बिना गन्ना पेराई शुरू कर देगा । क्योंकि समिति से चीनी मिल प्रबंधन ने वादा किया था कि वर्ष 2019- 20 का पूरा भुगतान दिया जाएगा इसके बाद ही नया पेराई सत्र शुरू किया जाएगा। इकबालपुर गन्ना विकास समिति के प्रशासक सुशील चौधरी ने चीनी मिल प्रबंधन से कहा है कि गन्ना किसानों को नियमासार ही पर्ची वितरित की जाएंगी । मिल अपने स्तर से सीधे गन्ना नहीं खरीद सकेगा । जितना भी गन्ना खरीदना होगा। वह समिति के माध्यम से ही खरीदना होगा। उन्होंने कहा कि इकबालपुर चीनी मिल के अलावा अन्य मिलो पर भी इकबालपुर गन्ना विकास समिति से संबंधित किसानों का गन्ने का बकाया भुगतान है । उन चीनी मिलों को भी जल्द से जल्द भुगतान करने के लिए कहा है । उन्होंने कहा कि जब तक संबंधित चीनी मिल भुगतान नहीं करेंगे । तब तक समिति किसानों को पर्ची नहीं भेजेगी । उन्होंने कहा कि अन्य चीनी मिलों से भी गन्ना विकास समिति का कमीशन का जो बकाया रुका हुआ है उसे जल्द जारी करने के लिए कहा गया है। इकबालपुर गन्ना विकास समिति के प्रशासक सुशील चौधरी ने चीनी मिल प्रबंधन से कहा है कि नया पेराई सत्र शुरू करने से पहले उन्हें अपने यहां किसानों की सुविधाएं भी बढ़ानी होगी। मिल गेट पर गन्ना तुलाई कराने वाले किसान को किसी भी तरह की दिक्कत न हो । वह ठंड में न ठिठरे इसके लिए अलाव की व्यवस्था करनी होगी। इकबालपुर गन्ना विकास समिति के प्रशासक ने समिति के सचिव कुलदीप नौटियाल से कहा है कि वह बकाया भुगतान के लिए चीनी मिल प्रबंधकों पर अधिक से अधिक दबाव बनाएं । सभी चीनी मिल प्रबंधनों को पत्र लिखें । यदि वह फिर भी भुगतान करने में आनाकानी करते हैं तो उनके खिलाफ आरसी जारी करने की कार्रवाई शुरू करा दें।

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