कुंवर बृजेश सिंह को देवबंद से दोबारा जीतने पर मिला इनाम, बने योगी सरकार में मंत्री

सहारनपुर। देवबंद से दोबारा विधायक बने बृजेश सिंह को योगी सरकार ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल करते हुए उन्हें मंत्री बनाया है। अपना राजनैतिक कौशल दिखा बृजेश सिंह ने मंत्री पद का ताज हासिल किया है। बृजेश सिंह के मंत्री बनने से अब क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित हो सकेंगे। इससे भाजपाइयों, समर्थकों व क्षेत्र की जनता में खुशी का माहौल है।
देवबंद विधानसभा सीट पर बृजेश सिंह ने दोबारा भाजपा का कमल खिलाया है। इसी का इनाम है कि योगी सरकार ने उन्हें मंत्री पद से नवाजा गया है। बृजेश सिंह के राजनैतिक सफर की बात करें तो युवावस्था से ही बृजेश सिंह राजनैतिक दांव पेंच में माहिर रहे है। बृजेश ने अपनी राजनीति की शुरुआत एबीवीपी से की। छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। भाजपा युवा मोर्चा में भी विभिन्न पदों पर रहते हुए संगठन को मजबूत बनाने में जुटे रहे। पार्टी के प्रति निष्ठा भाव से कार्य करने की बदौलत वह पार्टी के आला पदाधिकारियों और हिंदुत्ववादी छवि के बूते संघ के नजदीक होते गए। भाजपा ने उन्हें संगठन में क्षेत्रीय मंत्री के पद पर भी आसीन किया। बृजेश सिंह भाजपा के कई केंद्रीय मंत्रियों के भी नजदीकी रहे। 2017 के चुनाव नजदीक आए तो बृजेश सिंह ने भाजपा से टिकट की ताल ठोकी और वह टिकट पाने में कामयाब रहे। बाद में चुनाव में शानदार जीत भी हासिल की। 2017-22 के बीच उन्होंने देवबंद में एटीएस कमांडो सेंटर स्थापित कराने का महत्वूपर्ण कार्य किया। इसी मुद्दे ने 2022 के विधानसभा चुनाव को धार दी और बृजेश सिंह आसानी से देवबंद सीट पर दोबारा कमल खिलाने में कामयाब रहे।
बृजेश सिंह के लिए देवबंद हॉट सीट दोबारा जीतना आसान नहीं था। जहां बसपा से गुर्जर बिरादरी के राजेन्द्र चौधरी ने बृजेश को चुनौती दी तो वहीं, उन्हीं की ठाकुर बिरादरी से समाजवादी पार्टी प्रत्याशी कार्तिकेय राणा ने उनकी चुनावी राह को मुश्किल बनाया। इस सबके बावजूद बृजेश सिंह ने अपना राजनैतिक कौशल दिखाते हुए अपनी चुनावी नैया पार लगाई।
2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा व सपा दोनों से ही मुस्लिम प्रत्याशी होने के चलते बृजेश सिंह ने करीब 30 हजार मतों से जीत हासिल की थी। वहीं, 2022 के चुनाव में 6,967 वोटों से बृजेश सिंह ने जीत अपने नाम दर्ज की। इसमें बृजेश सिंह ने 93 हजार 478 वोट हासिल किए जबकि सपा के कार्तिकेय राणा को 86 हजार 511 मत मिले। वहीं राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सुरेश राणा को पिछली सरकार में गन्ना मंत्री बनाकर ठाकुर मतदाताओं को साधा गया था, इस बार राणा हारे तो बृजेश को अवसर दिया गया है। कुंवर बृजेश सिंह गुरुकुल फार्मेसी में महाप्रबंधक रहे डॉक्टर राजकुमार सिंह के पुत्र है। इसलिए बृजेश सिंह का कनखल हरिद्वार से करीबी रिश्ता है। वैसे वह देवबंद विधानसभा क्षेत्र के जडौदा जटट गांव निवासी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *