भूमा निकेतन लाई गई मध्यप्रदेश के राज्यपाल स्व.लालजी टण्डन की अस्थियां, सोमवार को संत महापुरूषों की उपस्थिति में हरकी पैड़ी पर गंगा में होगी विसर्जित

हरिद्वार । मध्य प्रदेश के राज्यपाल स्वर्गीय लालजी टण्डन की अस्थियां सप्तसरोवर मार्ग स्थित सिद्धपीठ भूमानिकेतन में लायी गयी। स्व.टण्डन के पुत्र सुबोध टण्डन व अन्य परिजन कुंवर टण्डन, अतुल टण्डन, प्रद्युमन कपूर, अनुराग मिश्रा, संजय चैधरी, आईपी कन्नौजिया व भंवर पाल सिंह आदि अस्थियां लेकर भूमा निकेतन पहुंचे। सोमवार को संत महापुरूषों की उपस्थिति में अस्थियां पूर्ण विधि विधान के साथ हरकी पैड़ी पर गंगा में प्रवाहित की जाएंगी। इस दौरान कई राजनीतिक हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।भूमा पीठाधीश्वर स्वामी अच्युतानन्द तीर्थ महाराज ने बताया कि स्वर्गीय लालजी टण्डन उच्च कोटि के विद्वान तथा एक बेहतरीन राजनीतिज्ञ थे। अपने जीवनकाल में उन्होंने राज्यपाल सहित विभिन्न पदों पर रहते हुए देश सेवा में अनुकरणीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सेवा को ही अपना कर्तव्य समझते हुए उन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपनी सेवाएं प्रदान की। उन्होंने हमेशा ही देश को नई दिशा देने का काम किया। उनके उच्च विचारों से अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी सीख लेते थे। राजनीति में अलग पहचान रखने वाले स्वर्गीय लालजी टण्डन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत थे। शुरू से ही भूमानिकेतन से जुड़े रहे स्व.लालजी टण्डन को धर्मनगरी हरिद्वार और गंगा से विशेष लगाव था। वे अध्यात्म व अपनी संस्कृति से हमेशा ही ज्ञान अर्जित करने का प्रयास करते रहते थे। संत महापुरूषों के बेहद सम्मान करते थे। धार्मिक गतिविधियों में उनका विशेष लगाव हमेशा ही बना रहता था। स्वर्गीय लालजी टण्डन के उच्च विचारों से समाज को प्रेरणा मिलती है। स्वामी अच्युतानन्द तीर्थ महाराज ने कहा कि उन्होंने पक्ष विपक्ष में अपनी अलग ही पहचान बनायी। उनका मधुर व्यवहार हमेशा ही राजनीतिक पार्टियों को प्रभावित करता था। देश के प्रति समर्पित भावना से काम करने वाले नेताओं की आवश्यकता है। स्वर्गीय लालजी टण्डन अपने कुशल नेतृत्व में बड़ी बड़ी परेशानियों को भी सहजता से हल कर देते थे। मध्य प्रदेश के राज्यपाल के रूप में उन्होंने अनेकों जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मध्य प्रदेश की जनता को दिलाया। उनके विचारों से हमें सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कल संत महापुरूषों की उपस्थिति में हरकी पैड़ी पर स्वर्गीय लालजी टण्डन की अस्थियां गंगा में प्रवाहित की जाएंगी। जिसमें राजनीतिक दलों के अलावा संत महापुरूष भी शामिल होंगे। इस दौरान राजेंद्र शर्मा, देवेंद्र तोमर, सुनील शर्मा, विकास तिवारी, चंद्रकांत पाण्डे आदि उपस्थित रहे।

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