ट्रस्ट की ओर से निःशुल्क प्रशिक्षण केंद्र का मेयर गौरव गोयल ने किया शुभारंभ, कहा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व परंपराओं के कारण सर्दियों से उत्तराखंड की देश दुनिया में अलग पहचान

रुड़की । रुड़की मिशन रोड स्थित दूरभाष केंद्र कार्यालय के समीप उत्तराखंड की संस्कृति लोक कला (ऐपण आर्ट) के प्रशिक्षण के लिए युवतियों एवं महिलाओं को सरकार द्वारा ट्रस्ट के माध्यम से निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है,जिसके लिए हरिद्वार जनपद में पहला प्रशिक्षण केंद्र रुड़की में खोला गया है।शुभारंभ रुड़की मेयर गौरव गोयल व आनंद स्वरूप सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालय के उपप्रधानाचार्य कलीराम भट्ट व मात्र मंडल सेवा भारती कि प्रांत अध्यक्ष सुनीता भट्ट द्वारा संयुक्त रुप से प्रशिक्षण केंद्र का फीता काटकर किया। मुख्य अतिथि गौरव गोयल ने कहा कि रियासतकाल से चल रही आ रही उत्तराखंड की लोक कला को ऐपण कहा जाता है।अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत व परंपराओं के कारण सर्दियों से उत्तराखंड की देश दुनिया में अलग ही पहचान है। ऐपण कला कुमाऊं व गढ़वाल की गौरवमय परंपरा रही है।यह कला पारंपरिक शौक से बाहर एक व्यावसायिक रूप से धारण कर चुकी है।इस व्यवसाय ने कई कला पंसद युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खोले हैं।फाइल फोल्डर, कवर से लेकर टेक्सटाइल इंडस्ट्री तक प्राचीन ऐपण कला अपनी छाप छोड़ रही है।अमित प्रजापति,सुजीत शर्मा,अनिल कंडवाल, सुधीर चौधरी,अरविंद, केशव शर्मा,अमित राणा, प्रीति राणा,शिवानी,यशिका रहे,साथ ही इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील कुमार सचिव पिंकी सैनी ने सभी प्रशिक्षण प्राप्त वाले अभ्यर्थियों को उत्तराखंड की मूलभूत जानकारियां दी तथा प्रशिक्षण प्राप्त कराने में अपना हर संभव सहयोग प्रदान करने की बात कही।

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