मेलाधिकारी दीपक रावत ने जूना अखाड़ा पहुंचकर माॅं मायादेवी के दर्शन किए, साधु-संतों का लिया आशीर्वाद, कुम्भ की व्यवस्थाओं की तैयारियों की दृष्टिगत किया निरीक्षण

हरिद्वार । मेला अधिकारी दीपक रावत ने आज जूना अखाड़ा पहुंचकर माॅं मायादेवी के दर्शन किये तथा साधु-सन्तों का आशीर्वाद लिया। तत्पश्चात जूना अखाड़ा के अध्यक्ष, महन्त प्रेम गिरी एवं सचिव महेश पुरी के साथ गुजरांवाला भवन के निकट महामण्डलेश्वर माॅं शुभमूर्ति द्वार पुल के नीचे वाले क्षेत्र एवं ज्वालापुर स्थित प्राचीन सिद्धपीठ पाण्डेय वाला का कुम्भ की व्यवस्थाओं की तैयारियों की दृष्टि से निरीक्षण किया। सर्वप्रथम मेलाधिकारी ने गुजरांवाला भवन के निकट महामण्डलेश्वर माॅं शुभमूर्ति द्वार पुल के नीचे वाले क्षेत्र का निरीक्षण किया । जूना अखाड़ा के अध्यक्ष महन्त प्रेम गिरी ने मेलाधिकारी को बताया कि पुल के नीचे गंगा का पानी पीछे को आ जाता है, जिससे पुल के नीचे सिल्ट जमा हो जाती है। इस पर मेलाधिकारी ने एक्सियन पी0डब्ल्यूडी0 को निर्देश दिये कि जहां से गंगा का पानी पीछे को आ रहा है, वहां पर बालू के कट्टे डालकर, सम्बन्धित क्षेत्र को समतल किया जाये। पुल के नीचे दो-तीन जगह पर पानी का रिसाव हो रहा था, जिसे देखकर मेलाधिकारी ने जल संस्थान के एक्सियन को पानी के रिसाव को कल तक ठीक करने के निर्देश दिए । जूना अखाड़ा के अध्यक्ष महन्त प्रेम गिरी ने मेलाधिकारी को बताया कि इस क्षेत्र में रथ तैयार करने का कार्य सम्पन्न होगा, जिसे तैयार करने के लिये कारीगर इसी क्षेत्र में निवास करेंगे, जिनके लिये पानी की व्यवस्था करनी होगी, इस पर मेलाधिकारी ने मौके पर मौजूद जल निगम के एक्सियन को पानी की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त मेलाधिकारी ने पुल के नीचे वाले क्षेत्र के तट पर लोहे की जाली लगाकर घेरे गये क्षेत्र की खसरा-खतौनी की जांच करने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए । तत्पश्चात दीपक रावत एवं जूना आखाड़ा के अध्यक्ष, सचिव एवं पदाधिकारी ज्वालापुर स्थित प्राचीन सिद्धपीठ पाण्डेय वाला पहुंचे। जहां पहुंचकर मेलाधिकारी ने सिद्धपीठ पाण्डेय वाला क्षेत्र में पानी की व्यवस्था के सम्बन्ध में अधिकारियों से जानकारी ली। जल निगम के अधिकारियों ने बताया कि पानी का कनेक्शन दे देंगे तथा समरसेबिल स्थापित कर देंगे और पानी की कोई भी दिक्कत नहीं आयेगी। इसके बाद मेलाधिकारी ने स्थाई निर्मित शौचालयों का निरीक्षण किया।महन्त प्रेम गिरी ने मौके पर मेलाधिकारी को बताया कि ये शौचालय कुम्भ की दृष्टि से कम पड़ेंगे, इस पर मेलाधिकारी ने कहा कि हम यहां अस्थाई शौचालयों की व्यवस्था कर देंगे। मेलाधिकारी ने प्राचीन सिद्धपीठ पाण्डेय वाला परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था के बारे में एम0एन0ए0 को निर्देश दिये कि यहां प्रतिदिन नियमित रूप से सफाई की व्यवस्था होनी चाहिये। विद्युत व्यवस्था के बारे में अधिकारियों ने मेलाधिकारी को बताया कि जल्दी ही हाईमास्ट लाइट लग जायेगी। इस पर मेलाधिकारी ने एक्सियन विद्युत को निर्देश दिये कि जो बिजली के खम्भे लगे हैं, उनमें भी लाइट की व्यवस्था की जाए । दीपक रावत ने अधिकारियों से आसपास के क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली तथा कहा कि यहां पर एक एम्बुलेंस रहेगी तथा एक डाॅक्टर की सेवायें नियमित रूप से मिलेगी। मेलाधिकारी ने प्राचीन सिद्धपीठ पाण्डेय वाला परिसर का पूरा निरीक्षण किया तथा वहां स्थापित प्राचीन सिद्ध स्थल के भी दर्शन किए । शहर को चित्रकारी के माध्यम से सजाने के सम्बन्ध में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर मेलाधिकारी ने कहा कि चित्रकला के माध्यम से शहर के प्रमुख भवनों, घाटों, पुलों, दीवारों आदि को धार्मिक मान्यताओं के पौराणिक चित्रों, उत्तराखण्ड के आइकाॅन, संस्कृति के रंग बिखेरते चित्रों आदि से सजाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में काफी कुछ बदला है, जितने श्रद्धालु आयेंगे, उन्हें अच्छा अनुभव होगा। इस मौके पर जूना अखाड़ा के अध्यक्ष महन्त प्रेम गिरी ने पत्रकारों को बताया कि हम कुम्भ के कार्यों से पूर्ण रूप से सन्तुष्ट हैं। इस अवसर पर अपर मेलाधिकारी हरवीर सिंह, उप मेलाधिकारी दयानन्द सरस्वती, एक्सियन, पी0डब्ल्यूडी0, दीपक कुमार, आर0ईएस0 के अधिशासी अभियन्ता रामजी लाल, जल निगम के अधिशासी अभियन्ता मोहम्मद मीसम, जल संस्थान, विद्युत विभाग, जूना अखाड़ा के कोठारी, लाल भारती, महादेव गिरी सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण मौजूद थे।

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