नेताजी का पराक्रम एवं कठोर त्याग आज के युवाओं के लिए है प्रेरणाप्रद: डाॅ. बत्रा, राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई द्वारा किया गया काॅलेज में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन

हरिद्वार । स्थानीय एस.एम.जे.एन. पी.जी. काॅलेज में आज युवा पखवाड़े के अन्तर्गत ‘नेताजी सुभाष चन्द्र बोस’ की 125 वीं जयन्ती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाया गया। सर्वप्रथम काॅलेज में नेता जी सुभाष चन्द्र बोस जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनको नमन किया गया। पराक्रम दिवस पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, प्रतियोगिता में राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवी छात्राओं में कु. उमा, आंचल, शिवानी, रूपाली, अंजली, मोहिनी, आशना, सुरभि चैहान, पूनम, किरण, नवीशा अग्रवाल, मनीषा अग्रवाल, शालिनी सिंह, गुंजन पाल, रौनक माथुर, ईशा शर्मा आदि सहित लगभग पचास छात्राओं ने प्रतिभाग किया। छात्राओं द्वारा प्रतियोगता में बनाये गये नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती पर नेताजी के विचार जैसे ‘तुम मुझे खून दो-मैं तुम्हें आजादी दूंगा’, ‘सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना, और गलत के साथ समझौता करना है’, जय-हिन्द, ‘पराक्रम, सत्यनिष्ठा, युवा-चेतना, राष्ट्रवाद आदि शीर्षकों व विचारों पर पोस्टर के रूप में प्रस्तुत किया। नेताजी जी के विचार व जीवनदर्शन को स्वयंसेवी छात्राओं द्वारा पोस्टर के रूप में चित्रांकित किया गया। पराक्रम दिवस की बधाई देते हुए काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि जय हिन्द का राष्ट्रीय नारा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा दिया गया, जोकि आज प्रत्येक देशप्रेमी की जुबान पर है। डाॅ. बत्रा ने नेता जी के जीवन-यात्रा को छात्राओं तक प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करते हुए बताया कि किस प्रकार नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने अंग्रेजी शासन के विरूद्ध स्वतंत्रता संग्राम बढ़ाकर ‘आजाद हिन्द फौज’ का गठन किया। डाॅ. बत्रा ने कहा कि नेताजी का पराक्रम एवं कठोर त्याग आज के युवाओं के लिए बेहद ही प्रेरणादायक हैं। मुख्य अनुशासन अधिकारी ने पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभागी छात्राओं को शुभकामनायें देते हुए अपने सम्बोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का प्रयास सदैव राष्ट्र हित व युवा हित में रहा तथा युवाओं को उनकी भावनाओं से जुड़ना चाहिए। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. संजय कुमार माहेश्वरी ने पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाली समस्त छात्राओं को शुभकामनायें प्रेषित करते हुए कहा कि नेता जी सुभाष चन्द्र बोस एक व्यक्तित्व के रूप में विविध आयामी थे तथा राष्ट्र को विकसित व आधुनिक दिशा-निर्देश उनके द्वारा दिये गये। राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. सुषमा नयाल ने एन.एस.एस. की स्वयंसेवियों को अपनी शुभकामनायें प्रेषित करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने सदैव ही पराक्रम, साहसी व समर्पण की सीख युवाओं को दी। उन्होेंने कहा कि नेताजी जी की वैज्ञानिक दूरदृष्टि वर्तमान के युवाओं में उर्जावान बनाने में अपनी अहम भूमिका निभा सकती है। अतः आज नेताजी के विचारों की परम्परा को आगे बढ़ाने का उत्तरदायित्व युवाओं पर है। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतियोगिता कु. शालिनी सिंह, बी.ए. तृतीय सेम ने प्रथम स्थान, कु. हर्षिता पोखरिया बी.काॅम. तृतीय सेम ने द्वितीय स्थान, कु. रूपाली बी.ए. प्रथम व गौरव बंसल बी.काॅम. प्रथम ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मण्डल की अहम् भूमिका का निवर्हन वरिष्ठ डाॅ. कुसुम नेगी, डाॅ. आशा शर्मा, डाॅ. मोना शर्मा, डाॅ. विजय शर्मा ने किया। इस अवसर पर डाॅ. मन मोहन गुप्ता, डाॅ. मनोज कुमार सोही, डाॅ. शिव कुमार चौहान, वैभव बत्रा, अंकित अग्रवाल, डाॅ. सरोज शर्मा, डाॅ. पूर्णिमा सुन्दरियाल, आस्था आनन्द, प्रिंस श्रोत्रिय, मोहन चन्द्र पाण्डेय आदि शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी गण उपस्थित थे।

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