एकाग्रता, प्रसन्नता व पवित्रता पूर्वक पुरुषार्थ करते हुए वर्तमान में जीना और हर परिस्थिति में समभाव रहना ही योग: रीना तोमर

हरिद्वार । भाजपा नेत्री रीना तोमर ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एकाग्रता, प्रसन्नता व पवित्रता पूर्वक पुरुषार्थ करते हुए वर्तमान में जीना और हर परिस्थिति में समभाव रहना ही योग है। अतीत का शोक, वर्तमान की आसक्ति और भविष्य के भय को त्याग कर पूर्ण रूपेण कर्मशील व सात्विक जीवन ही हमारी सर्वोपरि प्राथमिकता होनी चाहिए। यही हमारे स्वास्थ्य का प्रमुख आधार बनेगी। योग हमेशा से हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि योग, आध्यात्मिक भारत को जानने और समझने का एक तरीका है। इसके साथ ही योग भारत की संस्कृति और विरासत से भी जुड़ा हुआ है। संस्कृत में, योग का अर्थ है “एकजुट होना”। योग स्वस्थ जीवन जीने के तरीके का वर्णन करता है। योग में ध्यान लगाने से मन अनुशासित होता है। योग से शरीर का उचित विकास होता है और यह सुदृढ़ होता है। योग के अनुसार, यह वास्तव में हमारे स्वास्थ्य पर अपना प्रभाव डालने वाला शरीर का तंत्रिका तंत्र है। तंत्रिका तंत्र दैनिक योग करने से शुद्ध (मजबूत) होता है और इस प्रकार योगा हमारे शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाता है।

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