निर्जला एकादशी पर स्नान के लिए हरकी पैड़ी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, लोगों ने आस्था की पावन डुबकी

हरिद्वार । हरकी पैड़ी पर सोमवार को निर्जला एकादशी के स्नान पर्व पर हजारों यात्रियों ने गंगा स्नान किया। देशभर से हरिद्वार पहुंचे यात्रियों ने व्रत के साथ ही एकादशी का पर्व मनाया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार के घाटों में स्नान के लिए पहुंचे। प्रशासन की ओर से जारी किया गया सांकेतिक स्नान का आदेश हवाई होता दिखाई। हरकी पैड़ी पर श्रद्धालु बे-रोकटोक आते दिखे। हालांकि सीमाओं से पुलिस ने हजारों वाहनों को लौटा दिया।गंगा दशहरा के बाद सोमवार को हरकी पैड़ी पर कोई रोकटोक नहीं रही। हरकी पैड़ी समेत अन्य आसपास के गंगा घाटों में श्रद्धालुओं ने स्नान किया। हालांकि गंगा दशहरा जितनी भीड़ नहीं थी। लेकिन अन्य दिनों की अपेक्षा खासी भीड़ बाजारों में भी दिखाई दी। सबसे अधिक यात्री हरियाणा और दिल्ली से हरिद्वार पहुंचे थे। पार्किंग में हरियाणा नंबर की गाड़ी सबसे अधिक दिखी। पुलिस फोर्स हरकी पैड़ी पर तैनात रही। सीमाओं पर तैनात पुलिस फोर्स ने हजारों वाहनों को वापस लौटाया। मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रविंद्र पुरी के अनुसार निर्जला एकादशी में पानी भरकर सुराही, हाथ का पंखा, पेठा आदि देने की परंपरा है। इस दिन किए गए पूजन व दान पुण्य से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सभी एकादशी व्रत में निर्जला एकादशी सबसे कठिन माना गया है। यदि आप वर्षभर की 24 एकादशी का व्रत नहीं कर पाते हैं तो इस व्रत को करने मात्र से सारा पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। एकादशी का यह उपवास निर्जला रहकर करना होता है। इसलिए रखना बेहद कठिन होता है क्योंकि इसमें पानी नहीं पीना होता है। उपवास को द्वादशी के दिन सूर्योदय के पश्चात खोला जाता है। इसकी समयावधि काफी लंबी होती है।

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