जिलाधिकारी सी रविशंकर की अध्यक्षता में औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ प्लास्टिक वेस्ट मैंनेजमेंट नियम-2016 के संबंध में बैठक, कहा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन सोसाइटी की सदस्यता ग्रहण करना वैकल्पिक होगा

हरिद्वार । जिलाधिकारी सी. रविशंकर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में प्लास्टिक वेस्ट मैंनेजमेंट नियम-2016 के अनुपालन हेतु समस्त औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने एस0पी0 सुबुद्धि, सदस्य सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अध्यक्षता में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन नियम, 2016 के अनुपालन के सम्बन्ध में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ हुई पिछली बैठक का हवाला देते हुये कहा कि सदस्य सचिव ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन के लिये एक सोसाइटी के गठन एवं प्लास्टिक वेस्ट मैंनेजमेंट फण्ड, हरिद्वार की स्थापना करने का सुझाव दिया था। बैठक में यह तथ्य भी प्रकाश में आया था कि कुछ उद्योग जो वेस्ट जनरेट हो रहा है, उसका निस्तारण कर रहे हैं तथा कुछ नहीं। इसके लिये प्रस्ताव रखा गया है कि जो कम्पनी जितना वेस्ट जनरेट करेगी, वह उसी अनुसार निर्धारित धनराशि जमा करेगी, इससे एक फण्ड तैयार हो जायेगा, जिससे हम प्लास्टिक वेस्ट के निस्तारण का काम कर सकेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन सोसाइटी की सदस्यता ग्रहण करना वैकल्पिक होगा, अगर आप इस सोसाइटी के सदस्य हैं, तो आपने जितना अपशिष्ट जनरेट किया और जितना निस्तारण किया, उसी अनुसार आपको लिखित में घोषणा करनी होगी तथा वेस्ट जनरेट के अनुसार ही निर्धारित धनराशि जमा करनी होगी एवं उसी अनुसार आपको प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सार्टिफिकेट जारी होगा। उन्होंने कहा कि सोसाइटी की माॅनिटरिंग में भी आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित औद्योगिक संगठनों से भी प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन सोसाइटी के सम्बन्ध में राय ली। किसी ने कहा कि क्या इससे पूरा प्लास्टिक वेस्ट समाप्त हो जायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों में व्यवहारिक जागरूकता लाने तथा प्लास्टिक अपशिष्ट निस्तारण, दोनों के लिये फण्ड की आवश्यकता है। किसी ने कहा कि मुम्बई तथा गुजरात की तरह अगर यहां भी बड़े रिसाइकिलिस्ट आ जायें, तो अच्छा होता। इस पर अधिकारियों ने कहा कि अपशिष्ट इकट्ठा होगा तो रिसाइकिलिस्ट अपने आप हमारे पास आयेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य फोकस ऐसे अपशिष्ट पर है, जो हमारी पहुंच से बाहर चला गया है। किसी औद्योगिक संगठन ने कहा कि अगर योगदान की दर निर्धारित हो जाती तो विचार करने में सहूलियत हो जाती। जिलाधिकारी ने कहा कि जो अनिच्छुक हैं, वे भी अपना विचार रख सकते हैं, इस पर औद्योगिक संगठनों ने कहा कि अनिच्छुक होने का कोई कारण नहीं है। सी0 रविशंकर ने कहा कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन सोसाइटी अभी प्राइमरी स्थिति में है, अभी इसमें कई पहलुओं पर विचार करना है। उन्होंने कहा कि जो दर रखेंगे, काफी सोच विचार कर रखेंगे तथा सभी की सलाह ली जायेगी, जो बाॅयलाॅज ड्राफ्ट किया जा रहा है, वह आपको भी यथाशीघ्र उपलब्ध कराया जायेगा। हमारा प्रयास इसे प्रभावी बनाने का है। अगर हम लोगों ने इस सोसाइटी को धरातल पर खड़ा कर दिया तो, यह काफी बड़ा काम हो जायेगा।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने औद्योगिक संगठनों से कुम्भ में माॅस्क वितरित करने तथा गंगा घाटों को गोद लेने के सम्बन्ध में भी चर्चा की। बैठक में उत्तराखण्ड पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के रीजनल आॅफिसर राजेन्द्र सिंह, पतंजलि से जितेन्द्र सिंह एवं अश्वनी खुराना, आईटीसी से बिनाॅय मेनन एवं प्रवीण कुमार, भगवानपुर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से गौतम कपूर, हाॅरिजन रिसाईकलिंग प्रा0लि0 से मोहित बजाज, टीसीपीएल पैकेजिंग लि0 हरिद्वार से अमित कुमार एवं एल.के. विजयवर्गीय, वीएलसीसी पर्सनल केयर लि0 से कुमार मंगलम एवं हिमांशू राजपूत, सिद्धि विनायक इंडस्ट्री सिडकुल से अशीष गुप्ता, एसईडब्ल्यूए से हिमेश कपूर एवं मनू कुमार मिश्रा, चेयरमेन एसएमएयू हरिन्दर कुमार गर्ग, हर्बल काॅन्सेप्ट हेल्थ केयर प्रा0लि0 से राजीव कुमार, एकम्स ड्रग्स एंड फर्मास्यूटिकल लि0 से के.डी. शर्मा एवं श्री प्रदीप शुक्ला, सिडकुल मैन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन उत्तराखण्ड से अंशिका शर्मा, हाॅलीनिक्स प्रा0लि0 हरिद्वार से शोभित मिश्रा, पेनासाॅनिक लाइफ साॅल्यूशन्स इंडिया प्रा.लि. हरिद्वार से कमल सिंह नेगी एवं बसंत प्रजापति, बोनी पाॅलीमर्स से एस.एस. भुल्लर, रिको आॅटो लि0 से आर.सी. कम्बोज, रूड़की स्माॅल इंडस्ट्री एसोसिएशन से अजय गर्ग, सुनील धीमान, केविन केयर प्रा0लि0 से पंकज त्यागी एवं अरविन्द त्यागी, गुरू कृपा इंडस्ट्रीज से श्री आत्मा सिंह, विरदी इंजीनियरिंग वक्र्स से सुखदेव सिंह एवं गुलशन कुमार आदि उपस्थित थे।

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