राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने पुस्तक ’शक्ति स्तवनम’ अति दुर्लभ स्तोत्र संग्रह का किया विमोचन, कहा समाज की हर स्त्री में बहन और माता स्थान देने वाले संत वास्तव में पुज्य और महान

हरिद्वार । उत्तराखण्ड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने आज दक्षिण काली पीठ मंदिर हरिद्वार पहुंच अपने परिजनों के साथ मां शक्ति की पूजा अर्चना की। शक्ति पीठ मां काली के उपासक महामण्डलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ने शक्ति पीठ पर राज्यपाल की पूजा विधि विधान से सम्पन्न करायी।  इसके बाद राज्यपाल ने यहां आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर स्वामी कैलाशानंद की पुस्तक ’शक्ति स्तवनम’ अति दुर्लभ स्तोत्र संग्रह का विमोचन किया। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्चाय बालकृष्ण ने की।  पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, उत्तर प्रदेश के राज्य गन्ना मंत्री सुरेश पासी, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, भगवानपुर विधायक ममता राकेश, ज्वालापुर ग्रामीण विधायक सुरेश राठौर, झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल, लक्सर विधायक संजय गुप्ता, हरिद्वार मेयर अनिता शर्मा, शिवालिक नगर पालिका के अध्यक्ष राजीव शर्मा, मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार लक्ष्मीनारायण चैधरी, राष्ट्रीय स्ंवय सेवक संघ के राकेश जैन, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष आशीष गौतम, महामण्डलेश्वर स्वामी प्रेमानंद महाराज, अमेरिका के महंत व्यासानंद महाराज, अवधूत मंडल आश्रम के महंत रूपेंद्र प्रकाश सहित अनेक संत महंतगण उपस्थित रहे। राज्यपाल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि संत और मंहतों की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए स्वामी कैलाशानंद ने सबका कल्याण हो कि भावना को चरितार्थ करते हुए इस स्तोत्र की रचना की है। समाज की हर स्त्री में बहन और माता स्थान देने वाले संत वास्तव में पुज्य और महान होते हैं। समाज को यह भाव और संस्कार दिये जाने की अत्यधिक आवश्यकता है। सभी स्त्री का सम्मान करें ऐसी दिशा समाज को संतो से प्राप्त हो। स्वामी कैलाशानंद द्वारा रचित संग्रह में विशेष मंत्र और स्तोत्रों का संकलन मनुष्य जाति के कल्याण के लिए सहायक सिद्ध होगा। इसका देवी मां की साधना और अध्ययन करने वालों को निश्चय ही मिलेगा। श्रीमती मौर्य ने कहा कि समाज को दिशा देने में संतों की विशेष भूमिका होती है। समाज उनका अनुसरण करता है। उन्होंने संत समाज से आह्वान करते हुए कहा कि समाज को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को बंद करने के दिशा में जागरूक करे।

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