राव आफाक जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद से निलंबित,अध्यक्ष की कुर्सी का ख्वाब धरा का धरा रह गया

हरिद्वार । राव आफाक को जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया गया है। पंचायत राज्य सचिव एचसी सेमवाल ने डीएम की रिपोर्ट पर यह निर्णय लिया है। जानकारी के लिए बता दें कि जिला पंचायत सदस्य चौधरी बिजेंद्र सिंह ने राव आफाक द्वारा 2 माह के कार्यकाल में की गई वित्त और प्रशासनिक अनियमितताओं के संबंध में सूचना के अधिकार के तहत तमाम जानकारियां हासिल की और इसके बाद उन्होंने इस बाबत शासन को शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हैं पंचायत राज सचिव ने इस संबंध में जिलाधिकारी हरिद्वार से जांच कराई गई। जिसमें जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता के बयान लिए और शिकायत संबंधी साक्ष्य प्राप्त किए। जिसमें जिला पंचायत सदस्य चौधरी बिजेंद्र सिंह ने जांच अधिकारी को बताया है कि राव आफाक ने कार्यवाहक अध्यक्ष रहते हुए अपने जानकार अर्जुन सिंह की प्रधान सहायक पद पर डायरेक्ट नियुक्ति की। जबकि यह पद पदोन्नति के द्वारा भरा जाना था। जिसमें जिला पंचायत के ही दो कर्मचारी हकदार थे। उनमें से किसी एक की पदोन्नति होनी थी ।लेकिन राव आफाक ने दोनों कर्मचारियों के हितों को नजरअंदाज करते हुए नियमों से बाहर जाकर अपने जानकार की प्रधान सहायक पद पर नियुक्ति कर दी । इस संबंध में न तो बोर्ड में कोई प्रस्ताव लाया गया और न ही दोनों कर्मचारियों की सहमति ली गई। जबकि नियमानुसार प्रधान सहायक पद पर नियुक्ति के लिए बोर्ड और संबंधित दोनों कर्मचारियों की सहमति जरूरी थी । इस संबंध में जिला पंचायत से एनओसी लिया जाना जरूरी था। चौधरी बिजेंद्र सिंह ने यह भी बताया है कि अर्जुन सिंह की ओर से जिला पंचायत में प्रधान सहायक पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन तक नहीं किया गया है। उनकी डायरेक्ट नियुक्ति कर दी गई है। जो कि गैरकानूनी और सेवा नियमावली के विरुद्ध है। इसके अलावा सहायक लेखाकार रविंद्र सिंह को उन्होंने भवन निर्माण के लिए अग्रिम भुगतान करा दिया। जबकि संबंधित सहायक लेखाकार के द्वारा टिहरी जिला पंचायत से भी भवन निर्माण के लिए अग्रिम भुगतान प्राप्त कर रखा है । इसमें भी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। क्योंकि इस मामले में अपर मुख्य अधिकारी ने भी स्पष्ट किया है कि सहायक लेखाकार द्वारा टिहरी से अपने वेतन के सापेक्ष अग्रिम भुगतान प्राप्त कर रखा है। ऐसे में उन्हें और अग्रिम भुगतान नहीं दिया जा सकता। लेकिन कार्यवाहक जिला पंचायत अध्यक्ष रहते हुए राव आफाक ने उन्हें भुगतान दिया है। शिकायतकर्ता राव आफाक की जिला पंचायत सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। जिला अधिकारी के द्वारा जांच करने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी गई। जिस पर पंचायत राज सचिव एच सी सेमवाल ने आज जांच पूरी होने तक जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक को उनके पद से निलंबित कर दिया है। इससे राव आफाक को तगड़ा झटका लगा है और उनके द्वारा जो अध्यक्ष की कुर्सी प्राप्त करने का ख्वाब देखा जा रहा था वह भी धरा का धरा रह गया है।

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