बसपा सुप्रीमो के निर्देश पर जयंत, मुकर्रम ,भागमल और विजेंद्र की सदस्यता बहाल, समर्थकों में खुशी की लहर

हरिद्वार / रुड़की । बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर पार्टी के प्रदेश प्रभारी और अध्यक्ष ने मुकर्रम अंसारी जयंत चौहान चौधरी विजेंद्र सिंह और भाग मल की सदस्यता बहाल कर दी है। साथ ही इन सभी को निष्कासित करने वाले लोकेंद्र की जिलाध्यक्ष पद से छुट्टी हो गई है। पार्टी में इन सभी की सदस्यता निष्कासन करने की कार्रवाई को गलत माना है। चारों की सजा बहाल करने का निर्णय बहुजन समाज पार्टी के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय पर हुआ। जहां पर बहुजन समाज पार्टी प्रभारी शमसुद्दीन ,प्रभारी नरेश गौतम और प्रदेश अध्यक्ष चौधरी शीशपाल के द्वारा एक विज्ञप्ति जारी कर सदस्यता बहाल की गई। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि जयंत चौहान मुकर्रम अंसारी भाग मल और विजेंद्र सिंह पार्टी की रीतियों और नीतियों को आगे बढ़ाएंगे। आने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बहुजन समाज पार्टी समर्थित अधिक से अधिक जिला पंचायत सदस्य जिताने के लिए वह पूरी जी जान से काम करेंगे। इन सभी की संस्था बहाल होने के साथ ही समर्थकों में खुशी की लहर है। दरअसल जब जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव हुए थे तो बहुजन समाज पार्टी ने अपना कोई जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं लड़ाया। इसके चलते सभी बसपा समर्थित जिला पंचायत सदस्यों ने अपने विवेक से जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए वोटिंग की। लेकिन अपने राजनीतिक कारणों के चलते लोकेंद्र कुमार ने जिलाध्यक्ष पद का दुरुपयोग करते हुए इन सभी को बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसीलिए जयंत चौहान मुकर्रम अंसारी ,चौधरी विजेंद्र सिंह और भागमल ने बसपा प्रदेश प्रभारी प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी की सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश मायावती को शिकायत की थी । उन्होंने कहा था कि उनके साथ सरासर अन्याय हुआ है उन्होंने ऐसा कोई कार्य नहीं किया है जो कि बहुजन समाज पार्टी के विरूद्ध जाता हो। जबकि लोकेंद्र कुमार ने उनका पक्ष जाने बिना ही एक पक्षीय ना ही कार्रवाई करते हुए उन्हें बसपा से निष्कासित कर दिया था। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बसपा सुप्रीमो मायावती ने इन सदस्यों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए लोकेंद्र को जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया। अब इन सदस्यों की सदस्यता बहाल होते ही जिला पंचायत बोर्ड में बहुजन समाज पार्टी समर्थित सदस्यों की संख्या फिर से बढ़ गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन सभी को फिर से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बसपा से लड़ने का अवसर मिलेगा। पहले भी यह सब बहुजन समाज पार्टी से ही जिला पंचायत सदस्य जीते। इस निर्णय के बाद पार्टी के आंतरिक सियासी समीकरणों में भी काफी बदलाव आने की संभावना है। बसपा नेता हाजी राव इरशाद अली ,राव साजिद अली ,बालेश्वर मौर्य शेती राम, कृष्ण कुमार आदि ने जयंत चौहान, भागमल ,विजेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री की बसपा सदस्यता बहाल होने पर खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि इसे पार्टी और मजबूत होगी।

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