रुड़की नगर निगम की बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा, दो गुटों में बंटे पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक

रुड़की शनिवार को आयोजित नगर निगम बोर्ड की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। दो गुटों में बंटे पार्षद आपस मे भिड़ते नजर आए। दोंनो पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। हंगामा तब और बढ़ गया जब महापौर गौरव गोयल के खिलाफ वाले 24 पार्षदों ने कुछ प्रस्तावों पर सहमति और कुछ पर असहमति वाला पत्र नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला को सौंप दिया।दरअसल, पिछले साल मार्च के बाद शनिवार को बोर्ड बैठक हुई। इस बार की बोर्ड बैठक में पार्षद दो गुटों में बैठे नजर आए। एक गुट महापौर के साथ था जबकि दूसरा महापौर के खिलाफ खड़ा था। बैठक के शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। बोर्ड बैठक में रखे गए 36 प्रस्तावों में से कुछ प्रस्तावों पर महापौर विरोधी गुट के 24 पार्षदों ने मोहर लगा दी। वहीं कुछ प्रस्तावों पर असहमती जताते हुए रद्द कर दिए। रद्द किए गए प्रस्ताव महापौर और उन पार्षदों के वार्डों के थे, जो महापौर गुट के बताए जाते हैं। पार्षदों द्वारा यह पत्र एमएनए को सौंपे जाने के बाद महापौर गुट के माने जाने वाले पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद शहर के विकास में बाधा पैदा कर रहे हैं। इस दौरान पार्षदों के दोनों गुट आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर नोकझोंक हुई। वहीं, हंगामे के दौरान महापौर ने एक बार फिर से पूर्व अधिकारियों पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। महापौर और पार्षदों के बीच भी जमकर बहस हुई। कुछ देर बाद महापौर बोर्ड बैठक छोड़कर चले गए। बाद में महापौर वापस आये और उन्होंने कहा कि वह एकजुटता के लिए पार्षदों से वार्ता के लिए तैयार हैं। पार्षद जब चाहें बैठक कर लें। पार्षदों ने दो दिन बाद का समय दिया। वहीं, महापौर के पक्ष के पार्षद निगम परिसर में धरने पर बैठ गए और हंगामा काफी देर तक चलता रहा।

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