लोकतांत्रिक जनमोर्चा रुड़की की ओर से माता सावित्री बाई फुले की जयंती, लोकतांत्रिक जनमोर्चा संयोजक ने कहा भारत की पहली महिला शिक्षक थीं सावित्री बाई फुले

रुड़की । लोकतांत्रिक जनमोर्चा रुड़की की ओर से गत वर्ष की भांति आज दोपहर भारत की पहली महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फुले जी की 189 वी जयंती निकटवर्ती ग्राम माजरा स्थित अंबेडकर भवन में हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई। इस मौके पर बोलते हुए लोकतांत्रिक जनमोर्चा संयोजक सुभाष सैनी ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले जी ने 19वीं सदी में स्त्रियों के अधिकारों, अशिक्षा, छुआछूत, सती प्रथा, बाल/ विधवा विवाह जैसी कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई । महाराष्ट्र में जन्मी माता सावित्री बाई फुले ने अपने पति दलित चिंतक महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले से पढ़कर सामाजिक चेतना फैलाई तथा महिला शिक्षा का पहला स्कूल भी उन्हीं के द्वारा शुरू किया गया । उनके मिशन को संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी ने आगे बढ़ाया। आज के दिन हमें अपने महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना होगा। जयंती समारोह में उपस्थित सभी संभ्रांत लोगों व युवाओं ने माता सावित्रीबाई फुले व महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्र के साथ-साथ बाबासाहेब की प्रतिमा पर भी श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके आदर्शो पर चलने का संकल्प दोहराया। अंत में सभी ग्राम वासियों, अतिथियों में मिष्ठान वितरित किया गया। श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में पूर्व प्रधान रकम सिंह सैनी ,चौधरी तिलकराम, राजपाल माजरा, राजकुमार माजरा, प्रवीण सैनी, अनुभव गुप्ता, रामकुमार सैनी, जोगेंद्र सैनी, राजेंद्र सैनी, चौधरी रमेश चंद, गोवर्धन सिंह ,लक्ष्मीचंद ,हरपाल सैनी सुनील, अशोक, विकास, अजीत, दीपक कुमार ,सोनू व् सनी सहित अनेक ग्रामवासी शामिल रहे।

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