मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन एक आदर्श पूर्ण चरित्र, परमार्थ निकेतन में हुआ श्रीराम कथा का शुभारंभ

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में राम कथा का आज कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पहुंचे। इस मौके पर विधिवत पूजा अर्चना के साथ कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल, मानस कथाकार मुरलीधर महाराज, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, साध्वी भगवती सरस्वती ने संयुक्त रूप से कथा का शुभारंभ कराया। इस मौके पर श्री अग्रवाल ने श्रीराम कथा का श्रवण भी किया।
सोमवार को परमार्थ निकेतन में आयोजित श्रीराम कथा का शुभारंभ करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रभु श्री राम की कथा सम्यक प्रेम की कथा है, करूणा की कथा है। प्रभु श्री राम ने प्रकृति, पर्यावरण, वृक्ष, नदी, पर्वत एवं जंगल में रहने वाले पशु-पक्षियों को गले लगाकर सम्यक प्रेम का उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि जहाँ प्रेम होता है वहां जीवन होता है; समर्पण होता है। हम कथा श्रवण के साथ प्रभु श्री राम के आदर्शो को, उनके चरित्र को आत्मसात करें। कथा के मर्म को समझे और उसे जीने का प्रयास करे। 
श्री अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्री राम की कथा भक्ति की कथा है, शक्ति की कथा है और पूज्य स्वामी जी की प्रेरणा से यह कथा स्वच्छता के संदेश की कथा है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्री राम के साथ सत्य की स्थापना के लिये सभी ने प्राणपण से सहयोग किया।
परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि पतित पावन, मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन एक आदर्श पूर्ण चरित्र है। वे धर्म के साक्षात दिव्य स्वरूप हैं। श्रीराम अनन्त और अखंड प्रेम के प्रतीक हैं। चाहे शबरी हो, या केवट हो, गीधराज हो या निषादराज हो, सभी को उन्होंने प्रेम से गले लगाया और भावपूर्वक झूठे बेर भी खाए। भगवान राम ने माता-पिता की आज्ञा पालन करने के लिए सर्वस्व त्याग कर बिना किसी शिकायत के वनगमन किया।
साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि श्री राम कथा के हर किरदार से हमें सीख मिलती है, चाहे वचन निभाने के रूप में एक भक्त के रूप में। कहा कि श्री राम कथा सुनने का महत्व ही अत्यंत लाभकारी है। हमें भी रामकथा से अपने जीवन को आत्मसात करते हुए प्रभु की अन्याय भक्ति में लीन रहना चाहिए।
कथावाचक मुरलीधर महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम की गौरव गाथा संघर्ष और साहस का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। श्री राम कथा के पावन अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल जी को शिवत्व का प्रतीक रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया। उन्होंने उपस्थित सभी श्रोताओं को पौधरोपण, पर्यावरण एवं जल संरक्षण का संकल्प कराया। 
इस मौके पर भारत भर के विभिन्न राज्यों से श्री राम भक्त कथा के श्रवण के लिए परमार्थ निकेतन पर उपस्थित रहे। 

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