हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व, गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है, मान्यताओं के अनुसार गोवर्धन की पूजा करने से व्यक्ति पर भगवान श्री कृष्ण की कृपा बनी रहती हैं सदैव

रुड़की । हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व है। शास्त्रों में दिवाली के ठीक अगले दिन गोवर्धन पूजा करने का विधान बताया गया है। देशभर में आज यानी 5 नवंबर को गोवर्धन पूजा का त्योहार मनाया जाएगा। गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा करने से व्यक्ति पर भगवान श्री कृष्ण की कृपा सदैव बनी रहती है। गोवर्धन पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को होती है। गोवर्धन पूजा के दौरान शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ करने से इसका फल कई गुना बढ़ जाता है।
राहुकाल- सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक।
यमगंड- दोपहर 03 बजकर 30 मिनट से 04 बजकर 30 मिनट तक।
गुलिक काल- सुबह 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक।
दुर्मुहूर्त काल- सुबह 08 बजकर 47 मिनट से 09 बजकर 31 मिनट तक और इसके बाद दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से 01 बजकर 10 मिनट तक।
आज गोवर्धन पूजा करने के लिए आप सबसे पहले घर के आंगन में गोबर से गोवर्धन का चित्र बनाएं। इसके बाद रोली, चावल, खीर, बताशे, जल, दूध, पान, केसर, फूल और दीपक जलाकर गोवर्धन भगवान की पूजा करें। कहा जाता है कि इस दिन विधि विधान से सच्चे दिल से गोवर्धन भगवान की पूजा करने से सालभर भगवान श्री कृष्ण की कृपा बनी रहती है।

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