लाॅकडाउन में शनिवार को हरकी पैड़ी पर पसरा रहा सन्नाटा, हरकी पैड़ी पर जमा हुए भिखारियों को पुलिस ने खदेड़ा

हरिद्वार । जनपद में अचानक तेजी से कोरोना पाॅजीटिव की संख्या बढ़ने से राज्य सरकार द्वारा घोषित किए गए दो दिन के लाॅकडाउन के चलते शनिवार को हरकी पैड़ी पर सन्नाटा पसरा रहा। लेकिन बाहर से आए यात्री श्रद्धालुओं को अचानक लाॅकडाउन की घोषणा के कारण दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। हरकी पैड़ी के आसपास बड़ी संख्या में भिखारियों के एकत्र होने से यात्री श्रद्धालुओं को दिक्कतें झेलनी पड़ी। भिखारी बड़ी संख्या में सुभाष घाट, हाथी वाला पुल, संजय पुल, पार्किंग स्थल नाईघाट पर एकत्र हो गए। क्षेत्र के व्यापारियों द्वारा हरकी पैड़ी चैकी पुलिस को सूचना दी गयी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भिखारियों को खदेड़ा। भिखारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। हरकी पैड़ी पर सुबह के समय चाट पकौड़ी व फड़ लगाकर फल बेचने वाले पहुंच गए। जिससे अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। व्यापारी नेता आदेश मारवाड़ी व सुमित अरोड़ा ने कहा कि भिखारियों की संख्या गंगा घाटों पर बढ़ रही है। भिखारी लगातार बाहर से आने वाले यात्रियों को परेशान करते हैं। असामाजिक तत्वों का जमावड़ा भी घाटों पर लगा रहता है। पार्किंग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भिखारियों के साथ साथ असामाजिक तत्व अपनी गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। पुलिस को ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। लाॅकडाउन की सफलता आमजनमानस पर ही निर्भर करती है। सुबह के समय बड़ी संख्या में भिखारी हरकी पैड़ी, सुभाष घाट पर एकत्र हो गए जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि लाॅकडाउन के चलते पुलिस द्वारा विभिन्न मार्गो पर बेरिकेट लगाए गए। वाहनों की आवाजाही भी पूर्ण रूप से बंद रही। व्यापारियों द्वारा भी लाॅकडाउन का पालन करते हुए समर्थन प्रदान किया। दो दिन के लाॅकडाउन के पहले दिन हरिद्वार, ज्वालापुर, कनखल सहित तमाम बाजार बंद रहे। बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। आॅटो रिक्शा, बैटरी रिक्शा आदि भी सड़कों पर नहीं दिखे। कार आदि निजी चैपहिया वाहन भी सड़कों पर कम ही दिखे। सभी चैराहों पर पुलिस तैनात पुलिसकर्मी आने जाने वाले से पूछताछ करते रहे। पुलिसकर्मियों द्वारा बेवजह घूमने वालों को हड़का कर वापस भेजा गया। दो दिन के लाॅकडाउन के चलते सब्जी की ठेली आदि नहीं लगने से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। ठेली पर सब्जी बेचने वालों के नहीं आने से जरूरत की सब्जी व फल आदि लोगों को नहीं मिल पाए।

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