लाइफस्टाइल में इन 5 बदलाव से खर्राटों से मिल सकती है निजात, नींद में खर्राटे लेना बेहद बुरी परेशानी

नींद में खर्राटे लेना बेहद बुरी परेशानी है जिसकी वजह से ना सिर्फ इंसान खुद परेशान रहता है बल्कि पार्टनर को भी इस परेशानी को झेलना पड़ता है। कई बार खर्राटों की इस बीमारी की वजह से कई जोड़ें शादी का बंधन तक तोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। आप जानते हैं कि खर्राटे लेने की ये बीमारी जानलेवा भी हो सकती है। हाल ही में दिग्गज संगीतकार बप्पी लहरी का ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से निधन हो गया। स्लीप एपनिया खर्राटे की बीमारी है। जब कोई व्यक्ति खर्राटा लेता है तो उपर पहुंचने वाला वायुमार्ग बंद हो जाता है। इससे शरीर के अंदर कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है और ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। गंभीर स्थितियों में हार्ट से ऑक्सीजन ले जाने वाली आर्टरी पर प्रेशर बढ़ जाता है जिससे स्ट्रोक और हार्ट अटैक भी हो सकता है। हालांकि मेडिकल साइंस में खर्राटे का कोई इलाज नहीं है लेकिन इससे उत्पन्न जटिलताओं को कम किया जा सकता है। दूसरी ओर कुछ घरेलू उपाय की मदद से खर्राटे को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि खर्राटे की इस बीमारी से कैसे बचा जा सकता है।

इलायची करेगी खर्राटे की समस्या दूर: खर्राटे को दूर करने के लिए आप इलाइची का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह श्वसन-नली को खोलने का काम करती है। खर्राटे में उपर का वायुमार्ग बंद हो जाता है, इसलिए इलाइची सांस लेने की प्रक्रिया को आसान करती है। रात को सोने से पहले इलायची के कुछ दानों को गुनगुने पानी के साथ मिलाकर पिएं, इस समस्या से राहत मिलेगी।

ऑलिव ऑयल से फायदा: ऑलिव ऑयल या जैतून का तेल खर्राटे को दूर करने के लिए कारगर घरेलू उपाय है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है। यह सांस की नली को साफ करता है जिससे वायुमार्ग अवरूद्ध नहीं होता है। एक छोटा चम्मच ऑलिव ऑयल में सामान मात्रा में शहद मिलाकर, सोने से पहले नियमित रूप से लें, इससे गले में कंपन कम होगा और खर्राटों को रोकने में मदद मिलेगी।

पुदीना के तेल का इस्तेमाल: वैसे तो पुदीना कई बीमारियों में रामवाण है लेकिन गले को साफ करने में पुदीना का कोई जवाब नहीं। पुदीने का तेल गले और नाक के छेदों की सूजन को कम करने का काम करता है। इससे सांस लेना आसान हो जाता है। सोने से पहले पिपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदों को पानी में डालकर गरारा कर लें। इस उपाय को कुछ दिन तक करते रहें, फर्क आपके सामने होगा।

करवट लेकर सोएः एक खबर के मुताबिक करवट लेकर सोने से खर्राटें कम होने लगते हैं। जब आप सीधी कमर करके सोते हैं तो इससे आपकी जीभ, थुड्डी और एडिपोज टिशू आपके वायुमार्ग में रुकावट पैदा कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप खर्राटे लेते हैं तो एक तरफ पलट कर सोएं, इससे निजात मिलती है।

नाक में लगने वाली पट्टियाः खर्राटे को रोकने के लिए सी पैक जैसी मशीन मिलती है यह नाक में लगाने वाली पट्टी है। बाज़ार में ऐसे कई उत्पाद उपलब्ध हैं जो खर्राटे रोकने में मदद करते हैं। हालांकि इससे भी पूरी तरह खर्राटे को नहीं रोका जा सकता है।

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