आयुर्वेद चिकित्सा का विश्व मे विशिष्ट स्थान, ऋषिकुल स्नातक परिषद के 25वां वार्षिक मिलन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए शहर विकास मंत्री मदन कौशिक

हरिद्वार । आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा के क्षेत्र में देश की प्रसिद्ध संस्था ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज महाविद्यालय के पूर्व स्नातको परास्नातको की संस्था ऋषिकुल स्नातक परिषद ने अपना 25वां वार्षिक मिलन समारोह ऋषिकुल परिसर में उत्साह व गर्मजोशी के साथ मनाया। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा का विश्व मे विशिष्ट स्थान है। जो हमारे ऋषि मुनियो की देन हैं और ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज देश में आयुर्वेद शिक्षा का प्रतिष्ठ संस्थान है। उन्होंने कहा कि स्नातक परिषद पूर्व स्नातक के मध्यम सेतु का कार्य कर रही है।विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डा.सुनील जोशी ने समारोह मे आए अपने सहपाठीयो का स्वागत करते हुए ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज की परम्परा को नव स्नातको से संरक्षित और सम्वर्धित करने का आह्वान किया। स्नातक परिषद के अंतरिम अध्यक्ष डा.अशोक पालीवाल ने पूर्व अध्यक्ष डा.रमाकांत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अतिथियो का स्वागत किया। परिषद के सचिव डा.देवेंद्र चमौली, कोषाध्यक्ष डा.रमेश गोयल, उपाध्यक्ष डॉक्टर सीडी काला, डा.उदयनारायण पांडे, डा.मधु शर्मा, अनिता सिंघल आदि ने आऐ हुए अतिथियो का स्वागत किया। इस अवसर पर देश में आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले डा.संजय सिंह, डा.महक सिंह, विनित अगनिहोत्री, मंजू अग्निहोत्री,, सम्पूर्णानंद रतूडी आदि को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्नातक परिषद के दिवंगत अध्यक्ष डा.रमाकांत के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके पुत्र देविज शर्मा को सम्मानित किया गया। ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज के परिसर निदेशक डा.अनूप कुमार गक्कड ने पूर्व स्नातको का ऋषिकुल परिसर में आने पर आभार प्रकट किया। समारोह का संचालन ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज के पूर्व स्नातक डा.नरेश चैधरी ने किया। इस अवसर पर कुल सचिव डा.माधवी गोस्वामी, परिषद के संरक्षक डा.वीके शर्मा, डा.रवि बेदी, पूर्व चिकित्सक डा.बी एन पराशर की पत्नी निर्मला देवी एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

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