सुभाष वर्मा जिले की सियासत में मजबूत होकर उभरे, गुर्जर सियासत में भी बनाया अपना विशेष स्थान

हरिद्वार । सुभाष वर्मा जिले की सियासत में मजबूत नेता के रूप में उभरकर सामने आए हैं। उनके द्वारा गुर्जर सियासत में भी विशेष स्थान प्राप्त कर लिया गया है। वैसे तो सुभाष वर्मा दो दशक से हरिद्वार जिले की सियासत में काफी सक्रिय हैं। इस बीच वह तमाम नेताओं को विधानसभा और लोकसभा के चुनाव लड़ा चुके हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भी विशेष भूमिका निभा चुके हैं। भाजपा संगठन में भी वह महामंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं। दो बार उनके भाजपा हरिद्वार जिला अध्यक्ष बनने की संभावना बनी। लेकिन दोनों ही बार बाजी उनके हाथ से फिसल गई। इस बीच उन्होंने खुद भी विधानसभा का चुनाव लड़ने की सोची। लेकिन समीकरण अनुकूल नहीं बन पाए। वह उनकी काफी समय से जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निगाह थी। अब वह जिला पंचायत अध्यक्ष बन भी गए हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष का पद सीधे तौर पर पूरे जिले की सियासत को प्रभावित करता है। यदि अध्यक्ष पद पर बैठा व्यक्ति समझदार राजनीतिज्ञ हो तो निश्चित रूप से वह अपने लिए ही नहीं साथियों के लिए भी मजबूत सियासी जमीन तैयार कर सकता है। चुंकि सुभाष वर्मा को राजनीति की बेसिक जानकारी है। हरिद्वार जिले की सियासत के सभी अदालतें बदलते समीकरणों पर उनकी निगाह रहती है। ऐसे में वह खुद की भविष्य की सियासत को पुख्ता करने के साथ ही अपने समर्थकों के लिए भी नए रास्ते बना सकते हैं। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि सुभाष वर्मा के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद गुर्जर सियासत में भी उनका बड़ा दखल बढ़ा है। जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद गुर्जर समाज के युवाओं ने उन्हें शुभकामनाएं और बधाई दी है। इससे साफ हो जाता है कि जिला पंचायत की सियासत में वह गुर्जर समाज की पहली पसंद है। जिससे समाज काफी उम्मीद कर रहा है। यहां एक बात और भी देखने में आई है कि जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद सुभाष वर्मा को मात्र किसी एक क्षेत्र या जाति से नहीं बल्कि उन्हें सभी समाज और सभी क्षेत्रों से शुभकामनाएं और बधाई मिली है। करीब से देखा जाए तो पिछले चार-पांच दिन में सुभाष वर्मा सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। भाजपा ही नहीं बल्कि अन्य दलों के काफी नेताओं और कार्यकतार्ओं ने भी दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सुभाष वर्मा के जिला पंचायत अध्यक्ष बनने को हरिद्वार जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में सुभाष वर्मा के जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यभार संभालने से भी यह बात पूरी तरह स्पष्ट हो रही है कि अब उनका सियासी कद काफी ऊंचा हो गया है। वह जिले के अग्रणी नेताओं में शुमार हो चुके हैं। मुख्यमंत्री के आने से जिले की सियासत में एक मैसेज यह भी चला गया है कि सुभाष वर्मा सत्ता के बड़े नुमाइंदे में से एक है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के शपथ ग्रहण समारोह में आने से सरकारी मशीनरी को भी यह मैसेज चला गया है कि सीएम हरिद्वार जिले का विकास चाहते हैं। जिला पंचायत की खोई हुई प्रतिष्ठा वापस लाना चाहते हैं। माना जा रहा है कि जिला पंचायत को विकास के लिए अब पहले से कहीं अधिक बजट मिलने जा रहा है। ताकि सभी क्षेत्रों का तेजी से विकास हो सके। राजनीतिक जानकार भी कह रहे हैं कि अधिक बजट आने से जहां क्षेत्रों के विकास में तेजी आएगी। वही एजए जिला पंचायत अध्यक्ष सुभाष वर्मा की भी जनता पर और पकड़ बनेगी। दूरदराज के सभी क्षेत्रों में उनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि सुभाष वर्मा को जिला पंचायत अध्यक्ष हरिद्वार का विकास कराने के लिए बनाया जा रहा है। सुभाष वर्मा ने भी कार्यभार ग्रहण करने के बाद कहा है कि उनकी कोशिश सभी क्षेत्रों का संपूर्ण विकास कराने की रहेगी। इसके लिए उन्होंने सभी मेरी दो और पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग भी मांगा है।

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