बादलों में छिपा चांद, छतों पर सुहागिनें निहारती रही आसमान, किसी ने वीडियो काॅल के जरिए चांद देखकर तो किसी ने अदृश्य चांद के साथ दीपक को अर्घ्य देकर तोड़ा व्रत

रुड़की । महिलाएं दिनभर इस उम्मीद में निराहार रहीं कि रात को चांद की पूजा करके व्रत खोलेंगी, लेकिन रविवार को चांद चकमा दे गया। दिनभर धूप के बाद शाम तक मौसम ने करवट ले ली। आसमान बादलों से भर गया। रह-रहकर बिजली कड़कती रही और चांद इन बादलों में ही छिपकर सुहागिनों की कड़ी परीक्षा लेता रहा। करवा चौथ पर चांद के गायब रहने से व्रत खोलने के लिए सुहागिनों ने क्या-क्या जतन किए ये भी किसी परीक्षा से कम नहीं रहा। किसी ने दूसरे शहरों में वीडियो कॉलिंग करके चांद देखा तो किसी ने आसमान की तरफ देखा और अदृश्य चांद के साथ दीपक को अर्घ्य देकर व्रत खोला। अधिकांश सुहागिनें रात 10 बजे तक चांद का इंतजार करती रहीं। लेकिन आसमान में चांद के ना दिखने की आश को लेकर उन्होंने व्रत खोल लिया। चंद्रमा के इंतजार में पतियों की भी परीक्षा हो गई। जब तक अर्धांगिनी ने व्रत खोलकर भोजन नहीं किया, पतियों ने भी रात का भोजन नहीं किया।

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