राज्य के पुलिस महानिदेशक की फर्जी फेसबुक आईडी बनाने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, आईडी के जरिए लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर करते थे रकम की मांग

देहरादून । राज्य के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर रुपये मांगने के आरोपी को 12 दिन की कड़ी मेहनत के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। फेसबुक आईडी बनाने वाले आरोपी के साथ ही एसटीएफ ने उसके दो सहयोगी भी गिरफ्तार किए हैं। डीआईजी एसटीएफ निलेश आनंद ने रविवार को डीजीपी की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर रकम मांगने वाले आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 जून को शहर कोतवाली में इस मामले को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि आईडी के जरिए लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर उनसे गुगल पे, फोन पे, पेटीएम आदि के जरिए रकम की मांग की जा रही थी। पुलिस जांच की तो पता लगा कि जिस मोबाइल से उक्त वॉलेट चल रही हैं, वह भरतपुर, राजस्थान में संचालित हो रहा है। जिसकी आईडी रामलखन निवासी भगेली, थाना नुकुमपुर, जिला लखीमपुर खीरी, यूपी के नाम पर है। उक्त गांव में टीम पहुंची। पता लगा कि वहां कुछ दिन पहले गरीबी रेखा से नीचे के लोगों के डिजिटल कार्ड बनाने के लिए एक टीम आई थी। उसने मशीन पर हस्ताक्षर, अंगूठा निशान आदि लिए। फेसबुक आईडी का आईपी एड्रेस निकाला तो वह राजस्थान के भरतपुर जिले का निकला। यह जिस व्यक्ति शेर मोहम्मद के सिम के जरिए चल रही थी, उसकी मौत हो चुकी थी। पता लगा कि शेर मोहम्मद का दामाद इरशाद पुत्र माजिद निवासी कलथरिया, जुरुहेरा, जिला भरतपुर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर रकम ठगी में लिप्त है। उसमें उसका भाई अरशद उर्फ साजिद भी शामिल है। एटीएफ ने शेर मोहम्मद के बेटे जाहिद को पकड़ा। उसने बताया कि वह और इसके जीजा ठगी में मिले हैं। अन्य दोनों गांव से फरार हो गए। हैदराबाद, विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, आंध्रप्रदेश होकर इरशाद वापस अपने गांव लौटा। जिसे उसके गांव से दबोचा गया। वहीं उसके भाई साजिद को रविवार को सहारनपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार दोनों मुख्य आरोपी 12वीं पास है। डीआईजी ने एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह और उनकी टीम को गिरफ्तारी पर बधाई दी है।

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