मंगल सिंह राशि से दशम भाव यानी कर्म भाव में गोचर करेगा, मंगल की इस स्थिति से राशि पर किसी ना किसी प्रकार का प्रभाव पड़ेगा, आइए जानते हैं आज के राशिफल के बारे में

  1. मेष राशि- मंगल की इस स्थिति से आपके मानसिक तनाव और चिंताओं में वृद्धि होगी. ऐसे में उनका ध्यान रखते हुए, खुद को हर प्रकार के तनाव से दूर रखने का प्रयास करें. मंगल का आपके दूसरे भाव में उपस्थित होना, आपको जमीन से जुड़े मामले में हानि पहुंचा सकता है. इसलिए किसी भी प्रॉपर्टी या जमीन को खरीदने या बेचने से अभी परहेज करना ही आपके लिए उचित रहेगा.उपाय: शिव स्तोत्र का पाठ करें.
  2. वृषभ राशि- मंगल आपके लग्न या प्रथम भाव में गोचर करेगा. ऐसे में यह गोचर शुभ परिणाम देते हुए आपको अधिक मजबूत, प्रखर और आत्मविश्वासी बनने में मदद करेगा. इसके चलते आप इस समय ऊर्जा, उत्साह और दृढ़ संकल्प से भरपूर दिखाई देंगे. आप अपनी सभी परियोजनाओं पर प्रभावी रूप से भी कार्य करने में भी सक्षम होंगे.उपाय: मंदिर में गुड़ का दान करें.
  3. मिथुन राशि- मंगल का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव यानि व्यय भाव में होगा. ऐसे में मंगल का ये गोचर आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है. कार्यक्षेत्र पर नई चीजों में निवेश करना आपके लिए इस समय थोड़ा हानिकारक सिद्ध हो सकता है. हालांकि आपकी प्रतिस्पर्धा की भावना में वृद्धि देखी जाएगी, बावजूद इसके आप अपने विरोधियों और दुश्मनों से सीधे तौर पर टकराव करने से बचें. छात्रों के लिए समय उत्तम है. खासतौर से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को इस दौरान अपनी मेहनत के अनुसार शुभ फल मिलेगा.उपाय: शिवलिंग पर बेल्पत्र अर्पित करें.
  4. कर्क राशि- मंगल इस गोचर के दौरान आपकी राशि से ग्यारहवें भाव यानि आय भाव में विराजमान होगा. ऐसे में ये गोचर आपको शुभ परिणाम देगा. आप में सामान्य से अधिक ऊर्जा देखी जाएगी. जिससे आप अपने कार्यक्षेत्र पर अधिक संगठित होते हुए विकास, उन्नति और आर्थिक सुरक्षा अर्जित करने में सफल रहेंगे.उपाय: ऊं नमः शिवाय का 108 बार पाठ करें.
  5. सिंह राशि- मंगल आपकी राशि से दशम भाव यानि कर्म भाव में गोचर करेगा. इस गोचर के दौरान वो आपकी राशि में “दिग्बली” अवस्था में होगा. आपके स्वभाव में आत्मविश्वास, साहस और पराक्रम की भी वृद्धि होगी. साथ ही आपको इच्छानुसार फल प्राप्त हो सकेंगे. यह समय अपने व्यवसाय की नई शुरुआत के लिए भी बेहद अनुकूल रहने वाला है.उपाय: भगवान शिव को मिश्री अर्पित करें.
  6. कन्या राशि- मंगल आपकी राशि से नवम भाव यानि भाग्य में गोचर करेगा. कुंडली में यह भाव भाग्य, धर्म आध्यात्मिकता की तरफ आपको बढ़ायेगा. हालांकि, मंगल बीच-बीच में आपको अपनी राय या निर्णय को लेकर, अत्यधिक कठोर भी बना सकता है. इससे आपका दूसरों से झगड़ा संभव है. इस दौरान आप किसी भी तरह के कानूनी पचड़े में भी पड़ सकते हैं.. निजी जीवन में पिता से आपका विचारों का मतभेद उत्पन्न होने से पारिवारिक वातावरण अशांत हो सकता है.उपाय: शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करें.
  7. तुला राशि- मंगल का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव यानि आयु भाव में होगा. कार्यक्षेत्र पर भी आपको अपने गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत होगी. आशंका है कि आपके शत्रु आपकी पीठ पीछे, आपको हानि पहुंचाने के लिए कोई षड्यंत्र रच सकते हैं. कार्यस्थल पर भी आप हर प्रकार की गॉसिप से दूर रहते हुए, सीधे तौर पर किसी से विवाद में न पड़ें.उपाय: भगवान शिव पर धतूरा अर्पित करें.
  8. वृश्चिक राशि- मंगल आपकी राशि से सप्तम भाव यानि विवाह भाव में गोचर करेगा. विवाहित जातकों को इस दौरान अपने जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति से दो-चार होना पड़ सकता है. हालांकि, यदि आप सिंगल है तो आपकी मुलाकात किसी ख़ास शख्स से संभव है. वहीं विवाह के बंधन में बंधने की सोच रहे प्रेमी जातकों के लिए भी ये समय उत्तम रहने वाला है.उपाय: गरीबो को खाना खिलाएं.
  9. धनु राशि- मंगल का गोचर आपकी कुंडली के छठे भाव यानि रोग व शत्रु भाव में होगा. आप अपने विरोधियों पर हावी होते हुए उन पर विजय भी प्राप्त करेंगे. वहीं दांपत्य जातकों को अपनी संतान की खराब सेहत के चलते, कुछ मानसिक परेशान तनाव से परेशानी हो सकती है.उपाय: सफ़ेद चन्दन का तिलक मस्तक पर लगाएं.
  10. मकर राशि- मंगल का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव यानि बुद्धि व पुत्र भाव में होगा. वैवाहिक जातकों को अपनी संतान पक्ष के माध्यम से, अच्छा लाभ प्राप्त होने की संभावना है. क्योंकि आपकी संतान इस समय अपनी शिक्षा या कार्यक्षेत्र में, लगातार प्रगति करते हुए आपके गौरव और सम्मान को बढ़ाएगी. वहीं सिंगल जातकों को भी किसी खास व्यक्ति से मिलने का अवसर मिलेगा.उपाय: रोजमेरी एसेंस का प्रयोग करें.
  11. कुम्भ राशि- मंगल ग्रह आपकी राशि से चौथे भाव यानि माता व सुख भाव में गोचर करेगा. इस अवधि के दौरान, दूसरों पर हावी होने की आपकी इच्छाओं में वृद्धि होगी. इससे आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित होगा और आपका अपने साथी से कुछ विवाद या झगड़ा भी संभव है. आप के अतीत के कुछ भावनात्मक मुद्दे भी इस गोचरकाल के दौरान पुनः जागृत हो सकते हैं, जिससे आपके क्रोध में बढ़ोतरी होगी और इसका दोष आप अपने परिवार के दूसरे सदस्यों पर डालते दिखाई देंगे.उपाय: शिव चालीसा का पाठ करें.
  12. मीन राशि- मंगल आपकी राशि से तीसरे भाव यानि पराक्रम भाव में गोचर करेगा. इस दौरान आपको कई शुभ अवसर प्राप्त होंगे. आप इस समय ऊर्जावान रहेंगे और हर कार्य को अपनी योग्यता और कार्य क्षमता के साथ पूरा करते हुए उससे अच्छे लाभ अर्जित करेंगे. जिससे आपको धन लाभ भी होगा.उपाय: शिव जी की आरती प्रदोष काल में करें.

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